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सामूहिक विवाह में एक-दूजे के हुए 125 जोड़े
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:07 PM IST
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सामूहिक विवाह में शामिल दुल्हनें।
- फोटो : अमर उजाला
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महज 35 हजार रुपये प्रति दंपति के खर्च पर 125 जोड़ों ने रविवार को अपना घर बसा लिया। सांसद और डीएम से लेकर विधायक और अधिकारियों समेत हजारों लोग इस सामूहिक विवाह के घराती-बराती गवाह बने। अवसर था मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक ही पंडाल में सरकारी खर्च पर सामूहिक शादियों का। प्रदेश सरकार ने 35 हजार रुपये प्रति विवाह की दर से साढ़े चार करोड़ रुपये बजट दिया है।
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पंडित जेएन डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के लिए प्रशासन और खासकर समाज कल्याण विभाग एक पखवारे से तैयारियों में जुटा था। प्रदेश सरकार ने इसके लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट दिया है। एक ही पंडाल में सामूहिक रूप से शादी के बंधन में बंधे सभी 125 जोड़ों में 124 हिंदू वर-वधू और महज एक जोड़ा मुस्लिम वर्ग का था। हिंदू जोड़ों के विवाह की रस्म संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों (पुरोहितों) ने पूरी कराई। इनमें संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक द्विवेदी और संस्कृत विद्यालय, बिसंडा के आदित्य नाथ पांडेय शामिल थे। दूसरी तरफ मुस्लिम जोड़े का निकाह शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने कराया। हिंदू जोड़ों में द्वारचार, जयमाल, फेरे और पांव पूजन की रस्में सामूहिक रूप से हुईं।
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यह सब करीब तीन घंटे चला। प्रत्येक दुल्हन को उपहार में मोबाइल फोन, दो साड़ियां, सात बर्तन और चांदी की पायल और बिछिया दी गई। 20 हजार रुपये प्रत्येक के खाते में दो दिनों में पहुंच जाएंगे। प्रशासन की ओर से बारातियों और कन्या पक्ष के परिजनों के लिए लंच पैकेट का इंतजाम किए गए थे।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जन प्रतिनिधियों को विशेष तौर पर आमंत्रित करने का शासन से निर्देश था। इसके मद्देनजर प्रशासन ने सभी जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया था। समारोह के मंच पर बांदा-चित्रकूट सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, महोबा-हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल, बबेरू विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, नरैनी विधायक राजकरन कबीर और डीएम दिव्य प्रकाश गिरि व एसपी शालिनी ने जोड़ों को उपहार व आशीर्वाद देकर विदाई की। सीडीओ आरके सिंह, एडीएम गंगाराम गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी शैलेश कुमार (आईएएस), उप निदेशक समाज कल्याण एसएन त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान, जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संजीव बघेल, सीएमओ डा. संतोष कुमार भी मौजूद रहे।
हर ब्लाक के जोड़ों पर तैनात रहे अफसर
सामूहिक विवाह में शामिल हुए जोड़ों की व्यवस्थाएं ब्लाकवार अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई थीं। बड़ोखर ब्लाक के 29 जोड़ों के लिए एपीओ डूडा संजीव सिन्हा व उप दुग्धशाला विकास अधिकारी सतीश कुमार, नरैनी के 9 जोड़ों के लिए नेडा पीडी सीएस सिंह व रेशम विकास अधिकारी आरके सिंह, बिसंडा ब्लाक के 15 जोड़ों के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी रामकुमार माथुर व सुधीर कुमार, तिंदवारी के 15 जोड़ों के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी जलागम अभयराज गुप्ता व जिला कृषि अधिकारी बालगोविंद यादव, महुआ के 7 जोड़ों के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह व सहायक निबंधक वीरेंद्र बाबू दीक्षित, जसपुरा के 9 जोड़ों की डीआईओएस हिफजुर्रहमान व आरईएस एक्सईएन राशिमणि मिश्रा, कमासिन के 2 व बबेरू के 4 जोड़ों का जिम्मा एक्सईएन जल निगम राजेंद्र सिंह व लघु डाल नहर के अजय मेहरोत्रा को सौंपी गई थी। नगर पंचायत तिदंवारी के 4 व नगर पालिका बांदा से 5 जोड़ों पर नलकूप खंड एक्सईएन लक्ष्मीनारायण और नगर पंचायत मटौंध, नरैनी, बबेरू व ओरन के 11 जोड़ों की व्यवस्था पीडब्ल्यूडी एक्सईएन आरसी पटेरिया व अमर सिंह ने की।
चार पूड़ी का लंच पैकेट, सवा छह लाख खर्च
सामूहिक विवाह में खानपान की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी को सौंपी गई। टेंट व खानपान के नाम पर सवा छह लाख रुपये खर्च हो गए। प्रत्येक जोड़े पर खानपान व सजावट व्यवस्था के लिए पांच हजार रुपये निर्धारित था। करीब 500 लंच पैकेट तैयार कराए गए थे। इसमें चार पूड़ी, मटर की सूखी सब्जी और एक लड्डू रखा गया था। लंच पैकेट करीब ढाई बजे विदाई के समय दिया गया। कुछ तो घरों से पूड़ी सब्जी बनवाकर लाए। कुछ यहां की व्यवस्था देख फोन के जरिये घर से बाद में पूड़ी सब्जी बनवाकर मंगाई।
न पुरोहितों और काजी ने नहीं लिया पैसा
सामूहिक समारोह में पंडितों को न तो शासन की ओर से कुछ मिला और न ही वर-वधू पक्ष से दक्षिणा मिली। पुरोहित आदित्य नाथ पांडेय ने बताया कि गरीबों की बेटियों का घर बस गया। यही उनके लिए सबसे बड़ी दक्षिणा है। इसी तरह शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने भी निकाह पढ़ाने के एवज में कुछ लेने से इनकार कर दिया। डीएम और अधिकारियों ने पुरोहितों और शहर काजी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
रजिस्ट्रेशन के साथ मिलीं कई सौगात
बांदा। जोड़ों का मंडप में ही विवाह पंजीयन करके उन्हें प्रमाणपत्र भी सौंप दिया गया। इसके लिए सहायक निबंधन विभाग ने वहीं पंडाल में ही व्यवस्था की थी। उधर, सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने सभी जोड़ों को नैपकिन सेनेटरी, शृंगार सामग्री और प्राथमिक उपचार की किट दी। उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज जैन और व्यापारी नेता संतोष गुप्ता ने संगठन की ओर से प्रति जोड़ों को एक-एक शाल भेंट की।