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नदी की धारा रोकने वालों पर होगी कार्रवाई
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बांदा। शहर के कुछ इलाकों में पेयजल संकट की शिकायत मिलने पर डीएम हीरा लाल ने रविवार को सुबह जल संस्थान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भूरागढ़ स्थित इंटेकवेल का निरीक्षण किया। यहां केन नदी में जल स्तर कम होने पर चिंता जताते हुए जल संस्थान को निर्देश दिए कि इंटेकवेल लगातार चालू रखने के लिए हर संभव कदम उठाएं। इंटेकवेल की टूटी रेलिंग तत्काल दुरुस्त कराने को कहा।
जल संस्थान कर्मियों ने बताया मल्लाह नदी की तलहटी पर सब्जी की खेती के लिए नदी की जलधारा को रोक रहे हैं। जिससे इंटेकवेल तक नदी का पानी नहीं पहुंच रहा है। डीएम ने इस पर कड़ा असंतोष जताते हुए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलधारा रोकने वाले मल्लाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही डीएम ने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि आज ही जल संस्थान को जेसीबी उपलब्ध कराएं ताकि नदी के अंदर चैनल बनाकर जलधारा को वाटर प्यूरीफायर इंटेकवेल तक लाया जा सके।
शासन से मांगे 13.62 करोड़
बांदा। डीएम हीरा लाल ने बताया गर्मी के तीन खास महीनों में पेयजल आपूर्ति के लिए शासन से एक करोड़ 66 लाख रुपये मांगे गए हैं। यह धनराशि आते ही जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त होगी। बताया जल संस्थान कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए 9.18 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। जल संस्थान अधिशासी अभियंता ने डीएम को बताया कि तीन साल से विभाग को पैसा नहीं मिल रहा। पानी के शुद्धीकरण में आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। डीएम ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर जल संस्थान के लिए 13.62 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
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जलधारा रोकने से पेयजल आपूर्ति में बाधा, नाविकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
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जल संस्थान कर्मियों ने बताया मल्लाह नदी की तलहटी पर सब्जी की खेती के लिए नदी की जलधारा को रोक रहे हैं। जिससे इंटेकवेल तक नदी का पानी नहीं पहुंच रहा है। डीएम ने इस पर कड़ा असंतोष जताते हुए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलधारा रोकने वाले मल्लाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही डीएम ने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि आज ही जल संस्थान को जेसीबी उपलब्ध कराएं ताकि नदी के अंदर चैनल बनाकर जलधारा को वाटर प्यूरीफायर इंटेकवेल तक लाया जा सके।
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शासन से मांगे 13.62 करोड़
बांदा। डीएम हीरा लाल ने बताया गर्मी के तीन खास महीनों में पेयजल आपूर्ति के लिए शासन से एक करोड़ 66 लाख रुपये मांगे गए हैं। यह धनराशि आते ही जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त होगी। बताया जल संस्थान कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए 9.18 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। जल संस्थान अधिशासी अभियंता ने डीएम को बताया कि तीन साल से विभाग को पैसा नहीं मिल रहा। पानी के शुद्धीकरण में आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। डीएम ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर जल संस्थान के लिए 13.62 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो