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3224 छात्र-छात्राओं का छात्रवृति और शुल्क पूर्ति से सफाया
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:16 AM IST
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बांदा। पिछले शैक्षिक सत्र में अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के 3224 छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उन्हें छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति इस वर्ष नहीं मिलेगी। इसमें कक्षा 9 से परास्नातक तक के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। समाज कल्याण विभाग कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे रहा है।
पिछले शैक्षिक सत्र 2016-17 में जिले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और महाविद्यालयों के 31 हजार छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। इनमें 28525 पात्र पाए गए, लेकिन छात्रवृत्ति 25,309 छात्र-छात्राओं को ही मिली है। 3224 छात्र-छात्राएं वंचित रह गए। इन्हें अब अगले वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा। छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र-छात्राएं दोहरी मार झेल रहे है।
एक तो उन्हें पूर्व शैक्षिक सत्र की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। दूसरा उन्हें नया प्रवेश भी अपने पास से कराना पड़ रहा है। पैसा न होने से खासे परेशान है। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजीव कुमार बघेल का कहना है कि छात्रवृत्ति का पैसा शासन छात्र-छात्राओं के खाते में सीधे भेजता है। इस बाबत वे कुछ भी नहीं कह सकते है। बजट की कमी से छात्रवृत्ति नहीं आई है।
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पिछले शैक्षिक सत्र 2016-17 में जिले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और महाविद्यालयों के 31 हजार छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। इनमें 28525 पात्र पाए गए, लेकिन छात्रवृत्ति 25,309 छात्र-छात्राओं को ही मिली है। 3224 छात्र-छात्राएं वंचित रह गए। इन्हें अब अगले वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा। छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र-छात्राएं दोहरी मार झेल रहे है।
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एक तो उन्हें पूर्व शैक्षिक सत्र की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। दूसरा उन्हें नया प्रवेश भी अपने पास से कराना पड़ रहा है। पैसा न होने से खासे परेशान है। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजीव कुमार बघेल का कहना है कि छात्रवृत्ति का पैसा शासन छात्र-छात्राओं के खाते में सीधे भेजता है। इस बाबत वे कुछ भी नहीं कह सकते है। बजट की कमी से छात्रवृत्ति नहीं आई है।
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