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कानपुर जेल डीआईजी के विरुद्ध जांच के आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। एक माह पूर्व न्यायालय द्वारा कानपुर जेल अधीक्षक पर किए गए जुर्माने और कोर्ट में उपस्थित होने के आदेशों पर अमल न होने को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। न्यायालय के आदेश की प्रति लेने से कानपुर के जेल डीआईजी ने इनकार कर दिया।
पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/गैंगेस्टर एक्ट ने प्रदेश के जेल महानिदेशक को पत्र भेजकर कहा है कि डीआईजी द्वारा पत्र न लेने की जांच कराकर कार्रवाई करें और कानपुर देहात जेल अधीक्षक के वेतन से जुर्माना राशि काटकर न्यायालय में जमा कराएं। अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।
धारा 349 आईपीसी के मामले में कानपुर देहात जेल में निरुद्ध अभियुक्त को अदालत में पेश न करने और तलब किए जाने पर कोर्ट में हाजिर न होने पर पिछले माह 22 दिसंबर को यहां के पंचम एडीजे एवं सत्र न्यायाधीश खलीकुज्जमां ने कानपुर जेल अधीक्षक पर 50 रुपये जुर्माना किया था। जेल महानिदेशक और डीआईजी जेल (कानपुर) को इस आदेश की प्रतियां भेजकर जुर्माना जमा कराने को कहा था। 4 जनवरी तक अनुपालन आख्या मांगी थी। लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
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मंगलवार (22 जनवरी) को न्यायाधीश ने जेल महानिदेशक (लखनऊ) को भेजे पत्र में कहा है कि डीआईजी जेल कानपुर ने न्यायालय का आदेश लेने से इनकार कर दिया। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। साथ ही जांच का विषय है। न्यायालय ने महानिदेशक से अपेक्षा की है कि इसकी जांच कराकर कार्रवाई करें और न्यायालय को अवगत कराएं। साथ ही यह भी कहा है कि कानपुर देहात जेल अधीक्षक के वेतन से जुर्माना राशि 50 रुपये कटौती कर न्यायालय में जमा कराएं।
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बांदा। एक माह पूर्व न्यायालय द्वारा कानपुर जेल अधीक्षक पर किए गए जुर्माने और कोर्ट में उपस्थित होने के आदेशों पर अमल न होने को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। न्यायालय के आदेश की प्रति लेने से कानपुर के जेल डीआईजी ने इनकार कर दिया।
पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/गैंगेस्टर एक्ट ने प्रदेश के जेल महानिदेशक को पत्र भेजकर कहा है कि डीआईजी द्वारा पत्र न लेने की जांच कराकर कार्रवाई करें और कानपुर देहात जेल अधीक्षक के वेतन से जुर्माना राशि काटकर न्यायालय में जमा कराएं। अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।
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धारा 349 आईपीसी के मामले में कानपुर देहात जेल में निरुद्ध अभियुक्त को अदालत में पेश न करने और तलब किए जाने पर कोर्ट में हाजिर न होने पर पिछले माह 22 दिसंबर को यहां के पंचम एडीजे एवं सत्र न्यायाधीश खलीकुज्जमां ने कानपुर जेल अधीक्षक पर 50 रुपये जुर्माना किया था। जेल महानिदेशक और डीआईजी जेल (कानपुर) को इस आदेश की प्रतियां भेजकर जुर्माना जमा कराने को कहा था। 4 जनवरी तक अनुपालन आख्या मांगी थी। लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
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मंगलवार (22 जनवरी) को न्यायाधीश ने जेल महानिदेशक (लखनऊ) को भेजे पत्र में कहा है कि डीआईजी जेल कानपुर ने न्यायालय का आदेश लेने से इनकार कर दिया। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। साथ ही जांच का विषय है। न्यायालय ने महानिदेशक से अपेक्षा की है कि इसकी जांच कराकर कार्रवाई करें और न्यायालय को अवगत कराएं। साथ ही यह भी कहा है कि कानपुर देहात जेल अधीक्षक के वेतन से जुर्माना राशि 50 रुपये कटौती कर न्यायालय में जमा कराएं।