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Banda News: 11 माह का मानदेय, 12 माह का ईपीएफ बकाया
Sat, 07 Nov 2026 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 07 Nov 2026 11:24 PM IST
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नरैनी। विकास खंड नरैनी में संविदा पर कार्यरत तकनीकी सहायकों को 11 माह से मानदेय और 12 माह से ईपीएफ का भुगतान नहीं मिला है।
लंबे समय से बकाया धनराशि का भुगतान न होने से नाराज तकनीकी सहायकों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
विजय द्विवेदी, अशोक सहित अन्य तकनीकी सहायकों ने बताया कि मानदेय भुगतान की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया गया। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार भुगतान अटके रहने से उनके सामने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का संकट खड़ा हो गया है। इससे आर्थिक के साथ मानसिक परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
तकनीकी सहायकों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के मार्च माह, वर्ष 2025-26 के नवंबर से मार्च तक पांच माह और वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त तक पांच माह का मानदेय नहीं मिला है। इस तरह कुल 11 माह की धनराशि लंबित है। वहीं, अगस्त 2025 से अब तक 12 माह का ईपीएफ भी जमा नहीं कराया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि बीच-बीच में सामग्री मद में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। तकनीकी सहायकों ने बकाया मानदेय और ईपीएफ की धनराशि जल्द जारी कराने की मांग की है।
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लंबे समय से बकाया धनराशि का भुगतान न होने से नाराज तकनीकी सहायकों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
विजय द्विवेदी, अशोक सहित अन्य तकनीकी सहायकों ने बताया कि मानदेय भुगतान की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया गया। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार भुगतान अटके रहने से उनके सामने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का संकट खड़ा हो गया है। इससे आर्थिक के साथ मानसिक परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
तकनीकी सहायकों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के मार्च माह, वर्ष 2025-26 के नवंबर से मार्च तक पांच माह और वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त तक पांच माह का मानदेय नहीं मिला है। इस तरह कुल 11 माह की धनराशि लंबित है। वहीं, अगस्त 2025 से अब तक 12 माह का ईपीएफ भी जमा नहीं कराया गया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि बीच-बीच में सामग्री मद में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। तकनीकी सहायकों ने बकाया मानदेय और ईपीएफ की धनराशि जल्द जारी कराने की मांग की है।
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