{"_id":"618c096ecc6b8132f27002a7","slug":"worship-of-sixth-maiya-by-offering-arghya-to-astachal-sun-balrampur-news-lko6038463154","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर हुई छठी मैय्या की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर हुई छठी मैय्या की पूजा
विज्ञापन
बलरामपुर के झारखंडी मंदिर स्थित सरोवर में डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिलाएं।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। डाला छठ पूजा के तीसरे दिन बुधवार की शाम महिलाएं नदियों व पवित्र सरोवरों पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मैय्या की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर घर में सुख- समृद्धि, पति की लंबी आयु, पुत्र की प्राप्ति व सुंदर काया पाने के लिए सूर्य देव की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना किया।
छठ की पूजा को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह रहा। व्रती महिलाओं के परिवारीजन भी पूजन सामग्री, मिष्ठान, फल, मेवा व अन्य सामग्री के साथ जल में खड़े होकर सूर्य देव व छठी मैय्या की पूजा-अर्चना किया। 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद डाला छठ पर्व का समापन होगा।
कार्तिक मास शुक्ल की छठी तिथि को श्रद्धालुओं ने छठ पूजा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया। पर्व की शुरुआत पहले दिन नहाय खाय के साथ हुई। दूसरे दिन खरना मनाया गया। महिलाओं ने भोर पहर में ही स्नान कर निर्जला व्रत शुरु किया।
विज्ञापन
शाम चार बजे से ही नदियों व पवित्र सरोवरों के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। छठी मैय्या की पूजा कर व्रती महिलाओं ने अपने परिवार के लोगों की निरोगी काया, अखंड सुहाग, संतान प्राप्ति व सुख-समृद्घि का आशीर्वाद मांगा।
नगर के झारखंडी मंदिर स्थित पवित्र सरोवर के साथ-साथ बलरामपुर चीनी मिल के पावर प्लांट सरोवर, राप्ती नदी के सिसई घाट, शुगर कंपनी तुलसीपुर व बजाज चीनी मिल इटईमैदा सहित नदियों व पवित्र सरोवरों में व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर पूरे विधि-विधान के साथ छठी मैय्या की पूजा-अर्चना की।
व्रती महिलाओं ने छठी माता से पति की लंबी आयु व पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की। व्रती महिलाओं के साथ परिवार के लोगों ने पूजन सामग्री, मिष्ठान, फल, मेवा व अन्य सामग्रियों के साथ पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य देव व छठी मैय्या की पूजा अर्चना विधि-विधान के साथ की। 11 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से इंतजाम किए गए।
विज्ञापन
छठ की पूजा को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह रहा। व्रती महिलाओं के परिवारीजन भी पूजन सामग्री, मिष्ठान, फल, मेवा व अन्य सामग्री के साथ जल में खड़े होकर सूर्य देव व छठी मैय्या की पूजा-अर्चना किया। 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद डाला छठ पर्व का समापन होगा।
विज्ञापन
कार्तिक मास शुक्ल की छठी तिथि को श्रद्धालुओं ने छठ पूजा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया। पर्व की शुरुआत पहले दिन नहाय खाय के साथ हुई। दूसरे दिन खरना मनाया गया। महिलाओं ने भोर पहर में ही स्नान कर निर्जला व्रत शुरु किया।
विज्ञापन
शाम चार बजे से ही नदियों व पवित्र सरोवरों के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। छठी मैय्या की पूजा कर व्रती महिलाओं ने अपने परिवार के लोगों की निरोगी काया, अखंड सुहाग, संतान प्राप्ति व सुख-समृद्घि का आशीर्वाद मांगा।
नगर के झारखंडी मंदिर स्थित पवित्र सरोवर के साथ-साथ बलरामपुर चीनी मिल के पावर प्लांट सरोवर, राप्ती नदी के सिसई घाट, शुगर कंपनी तुलसीपुर व बजाज चीनी मिल इटईमैदा सहित नदियों व पवित्र सरोवरों में व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर पूरे विधि-विधान के साथ छठी मैय्या की पूजा-अर्चना की।
व्रती महिलाओं ने छठी माता से पति की लंबी आयु व पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की। व्रती महिलाओं के साथ परिवार के लोगों ने पूजन सामग्री, मिष्ठान, फल, मेवा व अन्य सामग्रियों के साथ पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य देव व छठी मैय्या की पूजा अर्चना विधि-विधान के साथ की। 11 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से इंतजाम किए गए।