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Balrampur News: लेखपालों के कार्य बहिष्कार से कामकाज प्रभावित
Thu, 30 Jul 2026 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:54 PM IST
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बलरामपुर के सदर तहसील में प्रदर्शन करते लेखपाल।
बलरामपुर। सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से तहसील का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लेखपालों की रिपोर्ट न लग पाने के कारण आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रकार के 700 से अधिक आवेदन लंबित हो गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं, नौकरी के अभ्यर्थियों, किसानों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को भी तहसील परिसर में सुबह से ही प्रमाण पत्र बनवाने और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए। दाखिला, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों, बैंक ऋण और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल तीसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि पहले आंदोलन में उप जिलाधिकारी से माफी मांगने की मांग भी शामिल थी, लेकिन संबंधित एसडीएम का स्थानांतरण होने के बाद इस मांग को समाप्त कर दिया गया है।
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अब आंदोलन निलंबित तहसील अध्यक्ष की बहाली, पात्र लेखपालों का लंबित एसीपी लागू करने, फार्मर रजिस्ट्री के लिए जारी स्पष्टीकरण वापस लेने, जीपीएफ पासबुक एवं सर्विस बुक अद्यतन कराने तथा लंबित देयकों और एरियर के भुगतान की मांग को लेकर जारी है। तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि जब तक शेष मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा है।
प्रमाण पत्र न बन पाने से लोग परेशान
तहसील पहुंचे विजय कुमार ने बताया कि बेटे के कॉलेज में प्रवेश के लिए आय प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन कई दिनों से रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। रजनी देवी ने कहा कि बेटी की छात्रवृत्ति के लिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी है, मगर आवेदन लंबित है। इरफान अली ने बताया कि बैंक से कृषि ऋण लेने के लिए निवास प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट के अभाव में काम अटका हुआ है। सुनीता वर्मा ने कहा कि सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रमाण पत्र बनवाने रोज तहसील आना पड़ रहा है, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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बृहस्पतिवार को भी तहसील परिसर में सुबह से ही प्रमाण पत्र बनवाने और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए। दाखिला, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों, बैंक ऋण और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल तीसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि पहले आंदोलन में उप जिलाधिकारी से माफी मांगने की मांग भी शामिल थी, लेकिन संबंधित एसडीएम का स्थानांतरण होने के बाद इस मांग को समाप्त कर दिया गया है।
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अब आंदोलन निलंबित तहसील अध्यक्ष की बहाली, पात्र लेखपालों का लंबित एसीपी लागू करने, फार्मर रजिस्ट्री के लिए जारी स्पष्टीकरण वापस लेने, जीपीएफ पासबुक एवं सर्विस बुक अद्यतन कराने तथा लंबित देयकों और एरियर के भुगतान की मांग को लेकर जारी है। तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि जब तक शेष मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा है।
प्रमाण पत्र न बन पाने से लोग परेशान
तहसील पहुंचे विजय कुमार ने बताया कि बेटे के कॉलेज में प्रवेश के लिए आय प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन कई दिनों से रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। रजनी देवी ने कहा कि बेटी की छात्रवृत्ति के लिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी है, मगर आवेदन लंबित है। इरफान अली ने बताया कि बैंक से कृषि ऋण लेने के लिए निवास प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट के अभाव में काम अटका हुआ है। सुनीता वर्मा ने कहा कि सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रमाण पत्र बनवाने रोज तहसील आना पड़ रहा है, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है।