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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के सपने होंगे साकार
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बलरामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से 15 जुलाई तक उद्यमिता पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिले की करीब 500 महिलाओं को रोजगार दिलाकर स्वावलंबी बनाने की तैयारी की गई है।
गुरुवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक अनिकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 3996 स्वयं सहायता समूहों को प्रदेश सरकार ने सामुदायिक निवेश निधि में एक लाख 10 हजार रुपये व विभिन्न बैंकों में 1677 स्वयं सहायता समूहों का कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) एक लाख कर दिया है। बताया कि ढाबा संचालित करने, कोचिंग सेंटर खोलने, किराना की दुकान करने व सब्जी का ठेला लगाने सहित कोई भी कारोबार करने में समूह से जुड़े सदस्यों को बैंकों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समूह की तरफ से कारोबार करने की इच्छुक महिलाएं एक लाख तक ऋण ले सकेंगी। स्वयं सहायता समूहों को 90 उद्यम शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो जरूरतमंदों को भी ऋण उपलब्ध कराएंगी।
बताया कि 90 फीसदी लोगों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यत उन्नयन योजना से जोड़कर सेंट्रल मनी सीड के रूप में 40-40 हजार रुपए के ऋण दिलाए जाएंगे। सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड बनाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो स्वयं सहायता समूहों को सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड बनाने का दायित्व सौंपा गया है, जिससे इन समूहों से जुड़े 250 से अधिक परिवारों के किसी न किसी सदस्य को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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उद्यमिता पखवाड़ा में समूह से जुड़े अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की योजनाओं व बैंकों की मदद से रोजगार के साधन विकसित करके महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाएगा। सूबेदार सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम
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गुरुवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक अनिकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 3996 स्वयं सहायता समूहों को प्रदेश सरकार ने सामुदायिक निवेश निधि में एक लाख 10 हजार रुपये व विभिन्न बैंकों में 1677 स्वयं सहायता समूहों का कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) एक लाख कर दिया है। बताया कि ढाबा संचालित करने, कोचिंग सेंटर खोलने, किराना की दुकान करने व सब्जी का ठेला लगाने सहित कोई भी कारोबार करने में समूह से जुड़े सदस्यों को बैंकों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समूह की तरफ से कारोबार करने की इच्छुक महिलाएं एक लाख तक ऋण ले सकेंगी। स्वयं सहायता समूहों को 90 उद्यम शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो जरूरतमंदों को भी ऋण उपलब्ध कराएंगी।
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बताया कि 90 फीसदी लोगों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यत उन्नयन योजना से जोड़कर सेंट्रल मनी सीड के रूप में 40-40 हजार रुपए के ऋण दिलाए जाएंगे। सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड बनाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो स्वयं सहायता समूहों को सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड बनाने का दायित्व सौंपा गया है, जिससे इन समूहों से जुड़े 250 से अधिक परिवारों के किसी न किसी सदस्य को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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उद्यमिता पखवाड़ा में समूह से जुड़े अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की योजनाओं व बैंकों की मदद से रोजगार के साधन विकसित करके महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाएगा। सूबेदार सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम