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Balrampur News: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा जलीय कृषि का प्रशिक्षण
Sat, 30 May 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 30 May 2026 11:01 PM IST
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फोटो-9-बलरामपुर के गैड़ास बुजुर्ग में आयोजित बैठक में मौजूद समूह की महिलाएं ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत विकासखंड गैड़ास बुजुर्ग में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जलीय कृषि से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। महिलाओं को सीप और मछली पालन का प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
डीसी एनआरएलएम प्रियंवदा यादव ने बताया कि ग्राम संगठन नारी शक्ति प्रेरणा की बैठक में समूह की महिलाओं ने जलीय कृषि, विशेष रूप से सीप और मछली पालन का प्रशिक्षण लेने की सहमति दी। बैठक में महिलाओं ने कहा कि प्रशिक्षण मिलने के बाद वे इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहती हैं। ग्राम संगठन की बैठक में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में अंजू देवी, पूजा, माला, सुनीता, चंद्रावती, आरती, लेखपाती, उर्मिला, सावित्री, सुंदरी और पूनम समेत कई महिलाओं ने प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जलीय कृषि ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे रोजगार से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
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डीसी एनआरएलएम प्रियंवदा यादव ने बताया कि ग्राम संगठन नारी शक्ति प्रेरणा की बैठक में समूह की महिलाओं ने जलीय कृषि, विशेष रूप से सीप और मछली पालन का प्रशिक्षण लेने की सहमति दी। बैठक में महिलाओं ने कहा कि प्रशिक्षण मिलने के बाद वे इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहती हैं। ग्राम संगठन की बैठक में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में अंजू देवी, पूजा, माला, सुनीता, चंद्रावती, आरती, लेखपाती, उर्मिला, सावित्री, सुंदरी और पूनम समेत कई महिलाओं ने प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जलीय कृषि ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे रोजगार से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
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