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Balrampur News: बरात की जगह निकली अर्थी तो नम हो गईं आंखे
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फोटो-25-बलरामपुर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में एसआईआर को लेकर चर्चा करते लोग।-संवाद
बलरामपुर/महराजगंज तराई। उत्तराखंड कैंची धाम स्थित बाबा नीब करौरी के दर्शन करने जा रहे तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत से गम का माहौल है। नानपारा-लखीमपुर हाईवे पर सोमवार भोर करीब तीन बजे हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।
सड़क हादसे में कार पर सवार देहात क्षेत्र के ग्राम बड़े धुसाह निवासी अभिषेक शुक्ल (33), नगर क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी दीपू वर्मा (24) व महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्राम अलीनगर निवासी नीतेश सिंह (19) की मौत हो गई है। मोहल्ला पहलवारा निवासी अजय शर्मा और लवकुश शर्मा घायल हैं। अजय शर्मा की हालत गंभीर है।
अभिषेक के शादी की तैयारी मातम में बदली
देहात क्षेत्र के ग्राम धुसाह निवासी सदानंद शुक्ल ने सिसकते हुए बताया कि बेटे अभिषेक की शादी की तैयारी मातम में बदल गई। सदानंद के तीन बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे अमित शुक्ल (40) दवा कंपनी में कार्य करते हैं। दूसरे बेटे प्रदीप शुक्ल (38) मेडिकल स्टोर चलाते हैं। तीसरे बेटे अभिषेक शुक्ल निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्य करते थे। सदानंद ग्रामीण बैंक में नौकरी करते थे, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अभिषेक की मां विमलेश शुक्ला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। दो बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि तीसरे बेटे अभिषेक के शादी की तैयारी की जा रही थी। विवाह तय हो चुका था, मार्च में शादी होनी थी। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां सदमे में है। उन्हें अभी तक हादसे पर यकीन नहीं हो रहा है। लोग घर पहुंचकर परिवार को ढांढ़स बंधा रहे हैं।
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बी फार्मा के छात्र थे नीतेश
नीतेश सिंह शक्ति स्मारक महाविद्यालय से बी फार्मा (बैचलर ऑफ फार्मेसी) के प्रथम सेमेस्टर के छात्र थे। हेल्थकेयर सेक्टर में कार्य करने का उनका सपना था। सड़क हादसे ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। नीतेश के फूफा ग्राम शीतलापुर निवासी दिलीप सिंह ने बताया कि उनके पिता मनोज सिंह की करीब चार वर्ष पहले मौत हो गई थी। मनोज सिंह के दो बेटे थे। बड़े बेटे नीतेश सिंह और छोटे बेटे निशांत सिंह हैं। नीतेश सिंह की मौत से मां रीतू सिंह, बाबा राजेश सिंह, दादी राधा सिंह और छोटे भाई निशांत सिंह का रो-रोकर हाल बेहाल है।
इंटर के बाद दीपू ने शुरू की थी प्रॉपर्टी डीलिंग
मोहल्ला सिविल लाइन निवासी दीपू वर्मा का सपना प्रापर्टी डीलर बनने का था। पिता दिनेश कुमार ने बताया कि चार बेटे व दो बेटियां हैं। एक बेटी की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सबसे बड़ी बेटी उमा (33) व बड़े बेटे दीपक वर्मा (25) की शादी हो चुकी है। दीपू दूसरे नंबर पर थे। तीसरे नंबर पर करन (20) इंटर व सबसे छोटे बेटे किशन वर्मा (11) कक्षा सात में पढ़ाई कर रहे हैं। दीपू पिछले वर्ष इंटर पास करके प्रापर्टी डीलर का काम करने लगे। घर के लोग उनकी मदद करते थे। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां शांति देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है। जानने वाले परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
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सड़क हादसे में कार पर सवार देहात क्षेत्र के ग्राम बड़े धुसाह निवासी अभिषेक शुक्ल (33), नगर क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी दीपू वर्मा (24) व महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्राम अलीनगर निवासी नीतेश सिंह (19) की मौत हो गई है। मोहल्ला पहलवारा निवासी अजय शर्मा और लवकुश शर्मा घायल हैं। अजय शर्मा की हालत गंभीर है।
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अभिषेक के शादी की तैयारी मातम में बदली
देहात क्षेत्र के ग्राम धुसाह निवासी सदानंद शुक्ल ने सिसकते हुए बताया कि बेटे अभिषेक की शादी की तैयारी मातम में बदल गई। सदानंद के तीन बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे अमित शुक्ल (40) दवा कंपनी में कार्य करते हैं। दूसरे बेटे प्रदीप शुक्ल (38) मेडिकल स्टोर चलाते हैं। तीसरे बेटे अभिषेक शुक्ल निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्य करते थे। सदानंद ग्रामीण बैंक में नौकरी करते थे, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अभिषेक की मां विमलेश शुक्ला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। दो बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि तीसरे बेटे अभिषेक के शादी की तैयारी की जा रही थी। विवाह तय हो चुका था, मार्च में शादी होनी थी। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां सदमे में है। उन्हें अभी तक हादसे पर यकीन नहीं हो रहा है। लोग घर पहुंचकर परिवार को ढांढ़स बंधा रहे हैं।
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बी फार्मा के छात्र थे नीतेश
नीतेश सिंह शक्ति स्मारक महाविद्यालय से बी फार्मा (बैचलर ऑफ फार्मेसी) के प्रथम सेमेस्टर के छात्र थे। हेल्थकेयर सेक्टर में कार्य करने का उनका सपना था। सड़क हादसे ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। नीतेश के फूफा ग्राम शीतलापुर निवासी दिलीप सिंह ने बताया कि उनके पिता मनोज सिंह की करीब चार वर्ष पहले मौत हो गई थी। मनोज सिंह के दो बेटे थे। बड़े बेटे नीतेश सिंह और छोटे बेटे निशांत सिंह हैं। नीतेश सिंह की मौत से मां रीतू सिंह, बाबा राजेश सिंह, दादी राधा सिंह और छोटे भाई निशांत सिंह का रो-रोकर हाल बेहाल है।
इंटर के बाद दीपू ने शुरू की थी प्रॉपर्टी डीलिंग
मोहल्ला सिविल लाइन निवासी दीपू वर्मा का सपना प्रापर्टी डीलर बनने का था। पिता दिनेश कुमार ने बताया कि चार बेटे व दो बेटियां हैं। एक बेटी की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सबसे बड़ी बेटी उमा (33) व बड़े बेटे दीपक वर्मा (25) की शादी हो चुकी है। दीपू दूसरे नंबर पर थे। तीसरे नंबर पर करन (20) इंटर व सबसे छोटे बेटे किशन वर्मा (11) कक्षा सात में पढ़ाई कर रहे हैं। दीपू पिछले वर्ष इंटर पास करके प्रापर्टी डीलर का काम करने लगे। घर के लोग उनकी मदद करते थे। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां शांति देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है। जानने वाले परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

फोटो-25-बलरामपुर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में एसआईआर को लेकर चर्चा करते लोग।-संवाद

फोटो-25-बलरामपुर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में एसआईआर को लेकर चर्चा करते लोग।-संवाद

फोटो-25-बलरामपुर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में एसआईआर को लेकर चर्चा करते लोग।-संवाद

फोटो-25-बलरामपुर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में एसआईआर को लेकर चर्चा करते लोग।-संवाद