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आज से शुरु होगी 44 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद

Wed, 31 Mar 2021 11:04 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Mar 2021 11:04 PM IST
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Wheat procurement will start at 44 purchasing centers from today
बलरामपुर। जिले के 44 क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। शासन स्तर से अभी तक गेहूं खरीद का लक्ष्य आवंटित नहीं किया गया है। क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीनों का भी अभी तक इंतजाम नहीं हो सका है।
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पांच क्रय एजेंसियां 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीददारी करेंगी। सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों को 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सफाई शुल्क देना होगा। क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई कराने के लिए पावर क्लीनर लगाए गए हैं।
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डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बुधवार को बताया कि मूल्य समर्थन योजना के तहत 2021-22 में किसानों से गेहूं खरीदने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडी समिति, खाद्य विभाग, यूपीएसएस, एफसीआई व पीसीएफ के जिले में 44 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
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खाद्य विभाग के नौ, यूपीएसएस के 17, पीसीएफ के 16, एफसीआई व मंडी समिति के एक-एक गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। किसानों से सभी क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीदा जाएगा। शासन स्तर से अभी तक गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। गत वर्ष 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया था।
इस बार 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने के लिए शासन स्तर से अभी तक ई-पॉश मशीनें मुहैया नहीं कराई गई हैं जिसके लिए पत्राचार किया गया है। गेहूं बेचने वाले किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसानों को स्वयं के साथ परिवार के किसी सदस्य का भी इस बार पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई है।
पंजीकरण में किसान व उसके परिवार के एक नामित सदस्य का आधार नंबर फीड करने की व्यवस्था की गई है। इसी आधार नंबर की पंजीकरण के समय ही सीडिंग कराई जा रही है। आधार नंबर गलत होने की दशा में किसान अपना पंजीकरण लॉक नहीं कर सकता है। नामिनी के तौर पर परिवार के सदस्य के रूप में भी एक बार पंजीकरण कराया जा सकेगा।
पंजीकरण प्रपत्र में परिवार के सदस्य के रूप में किसान के साथ संबंध चयन करने का विकल्प दिया गया है। सीलिंग एक्ट के तहत 12.5 एकड़ से अधिक गेहूं बेंचने में जमीन दर्शाने वाले किसान की जिला खरीद अधिकारी के लॉगिन पर डीएससी के लॉक कर सत्यापन होगा। एसडीएम की तरफ से चकबंदी ग्राम अंतर्गत हिस्सेदारी, बंटाईदारी व 100 क्विंटल से अधिक का पंजीकरण सत्यापन भी डीएससी की तरफ से लॉक किया जाएगा।
खाद्य विभाग की वेबसाइट का भूलेख से लिंक करा दिया गया है। पंजीकरण प्रपत्र में भूलेख पोर्टल से भूमि विवरण जोड़ा जा सकेगा। धान बेंचने वाले किसानों को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। संशोधन कर किसान को पुन: लॉक करना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जिसके माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया लॉक कर पूरा किया जाएगा।

किसान का मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या व आधार नंबर यूनीक रखा गया है। तीनों नंबरों में केवल एक बार ही पंजीकरण किया जा सकेगा। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई के लिए पावर क्लीनर लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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