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Balrampur News: आंधी-पानी से खेतों में बिखरी गेहूं की फसल, बिजली आपूर्ति भी ठप

Sun, 05 Apr 2026 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 10:57 PM IST
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Wheat crops scattered in the fields due to storms and rain, electricity supply also disrupted
बलरामपुर के उतरौला में आंधी और बरसात के कारण गिरी गेहूं की फसल ।-संवाद
उतरौला/रेहरा बाजार/तुलसीपुर। तेज आंधी और बारिश ने शनिवार रात किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई स्थानों पर कटाई के बाद खेतों में पड़ी गेहूं की फसल बिखर गई, जबकि खड़ी फसल भी तेज हवा से गिर गई। बारिश के कारण मड़ाई के लिए रखी फसल भीगने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।
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उतरौला क्षेत्र के किसानों ने बताया कि कटाई के बाद फसल खेतों में पड़ी थी, रात में आई आंधी और बारिश से खेतों में फसल भीग गई, जिससे मड़ाई का कार्य रुक गया है। किसान गिरी हुई फसल को समेटने और धूप निकलने का इंतजार करते नजर आए। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र खरवार ने बताया कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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रेहरा बाजार क्षेत्र में देर शाम चली तेज हवा और बूंदाबांदी के कारण गेहूं की कटाई रोकनी पड़ी। किसान हरिशंकर, नरदाहे, रामदीन, सरदारे और रामबुझारत ने बताया कि कटाई शुरू हो चुकी थी, लेकिन बारिश से कटी फसल भीग गई। इससे कटाई और मड़ाई दोनों कार्य प्रभावित हो गए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम साफ न हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। आंधी-पानी से जहां किसानों की फसल प्रभावित हुई है, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को भी रातभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
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200 गांवों में बिजली आपूर्ति रही बाधित

तेज हवा के कारण जिले के 200 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। पावर सबस्टेशन तुलसीपुर से संचालित हरैया फीडर के अंतर्गत पिपरहवा, भंगहा कला, नंदमहरा, लालनगर, प्रेमनगर, कल्याणपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं श्रीदत्तगंज और गैसड़ी क्षेत्र के करीब 170 गांवों में बिजली कटी रही। ग्रामीणों ने बताया कि रातभर बिजली गुल रहने से काफी परेशानी हुई। विद्युत विभाग की टीम ने मरम्मत कार्य कर करीब 10 घंटे बाद आपूर्ति बहाल की। उधर, उतरौला क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर जाने से करीब आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। अवर अभियंता पवन कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पेड़ हटवाया और देर रात करीब दो बजे सप्लाई बहाल कराई।

किसानों को दी गई सलाह
कटाई के बाद फसल को खेत में खुला न छोड़ें, सुरक्षित स्थान पर ढेर बनाकर ढकें।

मड़ाई से पहले भीगी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही थ्रेसिंग करें।

खड़ी फसल लेट गई हो तो मौसम साफ होने पर जल्द कटाई कर लें।

पानी भरे खेतों से निकासी की व्यवस्था करें ताकि दाने खराब न हों।

मौसम पूर्वानुमान देखते हुए ही कटाई-मड़ाई का काम करें।


ऐसे मिलेगा मुआवजा

प्रशासन के अनुसार यदि आंधी-बारिश से फसल को व्यापक नुकसान हुआ है तो राजस्व व कृषि विभाग संयुक्त रूप से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के तहत सहायता दी जाती है। इसके लिए किसानों को अपने क्षेत्र के लेखपाल या कृषि विभाग को सूचना देनी होगी। सर्वे में नुकसान की पुष्टि होने के बाद पात्र किसानों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जाती है। यदि फसल बीमा योजना में पंजीकरण कराया गया है तो किसान बीमा कंपनी को भी निर्धारित समय में सूचना देकर दावा कर सकते हैं। इसके लिए बीमा पॉलिसी नंबर, खतौनी व नुकसान का विवरण देना आवश्यक होता है।
ज्यादा नुकसान नहीं


तीनों तहसीलों से आई रिपोर्ट में 33 फीसदी नुकसान नहीं हुआ है। जिले में सिर्फ कुछ देर हवा ही तेज चली थी। बारिश नहीं हुई है। - अरुण सिंह, आपदा विशेषज्ञ
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