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दतरंगवा डिप पर भरा पानी, आवागमन में परेशानी

Thu, 22 Jul 2021 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:03 PM IST
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Water filled at Datrangwa Dip, trouble in traffic
बलरामपुर। चार दिनों से जिले में हो रही लगातार बारिश से दतरंगवा डिप पर पानी भर गया है। पानी भर जाने से यहां के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। भारी बारिश से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कौवापुर संपर्क मार्ग कटा हुआ है। संपर्क मार्ग पर पटरा-बल्ली लगाकर क्षेत्र के लोग सड़क पार कर रहे हैं।
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राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है। लोगों की बेशकीमती जमीनें राप्ती नदी निगल रही है। गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के तुलसीपुर-गौरा चौराहा मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से कई दिनों से आवागमन बाधित है। दतरंगवा डिप पर स्थानीय व दूर दराज के लोगों को बाढ़ के पानी में जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है।
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क्षेत्रवासी मनोज यादव, छेदी कश्यप, दिलीप चंद, गौरव श्रीवास्तव, गरीबदास, ननकन, कल्लू, दुर्गेश व पिंटू सिंह ने प्रशासन से दतरंगवा डिप पार करने के लिए नाव का इंतजाम कराने की मांग की है। यदि प्रशासन की तरफ से शीघ्र ही कोई इंतजाम नहीं किया गया तो बड़ी घटना घट सकती है। सिसई घाट के स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने गुरुवार को बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
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चेतावनी बिंदु से सायं चार बजे तक राप्ती नदी चार सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। 103.62 मीटर चेतावनी बिंदु को पार कर राप्ती का जलस्तर 103.66 मीटर पहुंच गया है। राप्ती का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में राप्ती नदी कटान कर रही है।
खरझार पहाड़ी नाले में आए बाढ़ के पानी से कौवापुर से बलरामपुर जाने वाला संपर्क मार्ग कट गया है। कौवापुर रेलवे स्टेशन के पास एक साल से पुल का बाईपास निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण पूरा न होने से आधा अधूरा था। ग्रामीण चांदबाबू, लल्लू, एनुल हुदा, बाबूलाल, नंद कुमार व अब्दुुल हई आदि ने बताया कि निर्माण कार्य धीमी गति से होने के चलते संपर्क मार्ग बह गया है।
यदि समय से निर्माण करा दिया जाता तो संपर्क मार्ग पर लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती। करीब डेढ़ लाख लोगों को इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है जो अवरुद्ध हो चुका है। क्षेत्र के लोग बल्ली-पटरा लगाकर सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ और कटान पर नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लोगों की मदद कर रही है।

कलेक्ट्रेट व जिले के तीनों तहसीलों में संचालित कंट्रोल रूम पर मिलने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है। कटान व बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।
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