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बांध मरम्मत में भ्रष्टाचार के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
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बलरामपुर। भड़रिया तटबंध कटने से प्रभावित कूड़ी हरिवंशपुर गांव के लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बांध निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक डॉ. ज्योति गौतम को सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण जमुना प्रसाद मौर्य, महेश यादव, शेषराम, संदीप गौतम, विजय निषाद, मेलाराम, भगवान दीन, जवाहरलाल, रामदास आदि ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए कहा कि बलरामपुर-भड़रिया तटबंध जनुका ग्राम के पास करीब 300 मीटर कट गया था। जबकि सिंचाई विभाग इसके पुनर्निर्माण कार्य का दावा कर रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस काम को कराने के नाम पर अधिकारियों ने खानापूर्ति करके बजट का बंदरबांट कर लिया। आरोप है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी बांध की मरम्मत सही ढंग से नहीं कराई गई। इसी के चलते नदी में पानी बढ़ते ही बांध कट गया। जिससे आसपास के करीब 50 गांव जलमग्न हो गए।
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आरोप है कि बाढ़ खंड के अधिकारियों द्वारा तटबंध मरम्मत के नाम पर सिर्फ दो दिन काम कराया गया। नदी में पानी बढ़ते ही कर्मचारी प्रोजेक्ट छोड़कर भाग गए। प्रदर्शनकारियों ने बांध की मरम्मत में मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
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ग्रामीण जमुना प्रसाद मौर्य, महेश यादव, शेषराम, संदीप गौतम, विजय निषाद, मेलाराम, भगवान दीन, जवाहरलाल, रामदास आदि ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए कहा कि बलरामपुर-भड़रिया तटबंध जनुका ग्राम के पास करीब 300 मीटर कट गया था। जबकि सिंचाई विभाग इसके पुनर्निर्माण कार्य का दावा कर रहा था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि इस काम को कराने के नाम पर अधिकारियों ने खानापूर्ति करके बजट का बंदरबांट कर लिया। आरोप है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी बांध की मरम्मत सही ढंग से नहीं कराई गई। इसी के चलते नदी में पानी बढ़ते ही बांध कट गया। जिससे आसपास के करीब 50 गांव जलमग्न हो गए।
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आरोप है कि बाढ़ खंड के अधिकारियों द्वारा तटबंध मरम्मत के नाम पर सिर्फ दो दिन काम कराया गया। नदी में पानी बढ़ते ही कर्मचारी प्रोजेक्ट छोड़कर भाग गए। प्रदर्शनकारियों ने बांध की मरम्मत में मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।