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Balrampur News: चार कैमरों और ड्रोन से शुरू हुई बाघ की निगरानी
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बलरामपुर के परसपुर गांव के पास गश्त करती वन विभाग की टीम ।-स्रोत : विभाग
गैसड़ी। पचपेड़वा क्षेत्र के परसरामपुर गांव में बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। गांव और आसपास के वन क्षेत्र में जंगली जानवर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
भांभर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरे से भी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि बाघ की गतिविधियों का सटीक पता लगाया जा सके। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं और समूह में ही आवागमन करें।
ग्राम प्रधान शेखर पांडेय ने बताया कि मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मृतका के घर पहुंची रिपोर्ट तैयार की। वहीं, ग्रामीण लवकुश, प्रमोद, बरसाती, रामनिवास, रामकृपाल, शिवचंद्र और लाल बाबू ने सुरक्षा के अन्य इंतजाम करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बाघ होने की बात की अनदेखी न किया जाए। इससे आने वाले दिनों में और दिक्कत होगी।
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वहीं, प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले से मौत की पुष्टि हुई है। वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। वहीं आपदा विभाग के विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता की स्वीकृति जिलाधिकारी ने दी है। जल्द ही भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।
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भांभर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरे से भी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि बाघ की गतिविधियों का सटीक पता लगाया जा सके। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं और समूह में ही आवागमन करें।
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ग्राम प्रधान शेखर पांडेय ने बताया कि मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मृतका के घर पहुंची रिपोर्ट तैयार की। वहीं, ग्रामीण लवकुश, प्रमोद, बरसाती, रामनिवास, रामकृपाल, शिवचंद्र और लाल बाबू ने सुरक्षा के अन्य इंतजाम करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बाघ होने की बात की अनदेखी न किया जाए। इससे आने वाले दिनों में और दिक्कत होगी।
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वहीं, प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले से मौत की पुष्टि हुई है। वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। वहीं आपदा विभाग के विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता की स्वीकृति जिलाधिकारी ने दी है। जल्द ही भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।