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Balrampur News: आईफोन से यूपीआई हैक कर ठगी करने वाले साइबर गैंग के तीन गिरफ्तार
Mon, 03 Aug 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:07 PM IST
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बलरामपुर। पुलिस ने आईफोन की तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों के यूपीआई खातों से ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी और दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल और 24 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने सोमवार को बताया कि अमया देवरिया निवासी अरुण कुमार वर्मा की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान आर्यनगर, उतरौला निवासी सनी चौरसिया तथा दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब वीडियो देखकर आईफोन में सिम लगाकर यूपीआई और डिजिटल वॉलेट एप का लॉगिन सक्रिय रखने की तकनीक सीख गए थे। वे सेकेंड हैंड आईफोन खरीदते थे और परिचितों से कॉल करने या फोटो खींचने के बहाने उनका मोबाइल लेकर सिम निकालकर अपने आईफोन में लगा देते थे। इसके बाद पीड़ित के यूपीआई या पेटीएम जैसे एप में लॉगिन कर नया पासकोड बना लेते थे। सिम वापस पीड़ित के मोबाइल में लगाने के बाद भी एप्पल क्लाउड के कारण उनके आईफोन में यूपीआई लॉगिन सक्रिय रहता था।
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इसके बाद आरोपी नेपाल के चंद्ररौटा स्थित कैसीनो और अन्य प्रतिष्ठानों में पीड़ितों के खातों से यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते थे और बदले में नकद राशि प्राप्त कर लेते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि बैंक रिकॉर्ड में लेनदेन सामान्य दिखाई दे और संदेह न हो।
एसपी के अनुसार ठगी की रकम का एक हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग एप ''तिरंगा'' में लगाया जाता था, जबकि शेष रकम विभिन्न बैंक खातों, जिनमें आरोपी की पत्नी का खाता भी शामिल है, में स्थानांतरित कर निकाल ली जाती थी। वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए आईफोन मोबाइल दुकानों पर बेचकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 28 मई को एक पीड़ित के खाते से 95 हजार रुपये और तीन जुलाई को दूसरे पीड़ित के खाते से एक लाख रुपये निकाले गए। सात जुलाई को ठगी की रकम में से 65 हजार रुपये ऑनलाइन गेमिंग में लगाए गए, जिसमें नौ हजार रुपये का नुकसान हुआ। शेष 56 हजार रुपये आरोपी ने अपनी पत्नी के खाते में स्थानांतरित कर निकाल लिए। पुलिस के अनुसार अरुण कुमार वर्मा के खाते से कुल 1.65 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपियों के कब्जे से तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 24 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। मामले की जांच जारी है।
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पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने सोमवार को बताया कि अमया देवरिया निवासी अरुण कुमार वर्मा की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान आर्यनगर, उतरौला निवासी सनी चौरसिया तथा दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
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पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब वीडियो देखकर आईफोन में सिम लगाकर यूपीआई और डिजिटल वॉलेट एप का लॉगिन सक्रिय रखने की तकनीक सीख गए थे। वे सेकेंड हैंड आईफोन खरीदते थे और परिचितों से कॉल करने या फोटो खींचने के बहाने उनका मोबाइल लेकर सिम निकालकर अपने आईफोन में लगा देते थे। इसके बाद पीड़ित के यूपीआई या पेटीएम जैसे एप में लॉगिन कर नया पासकोड बना लेते थे। सिम वापस पीड़ित के मोबाइल में लगाने के बाद भी एप्पल क्लाउड के कारण उनके आईफोन में यूपीआई लॉगिन सक्रिय रहता था।
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इसके बाद आरोपी नेपाल के चंद्ररौटा स्थित कैसीनो और अन्य प्रतिष्ठानों में पीड़ितों के खातों से यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते थे और बदले में नकद राशि प्राप्त कर लेते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि बैंक रिकॉर्ड में लेनदेन सामान्य दिखाई दे और संदेह न हो।
एसपी के अनुसार ठगी की रकम का एक हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग एप ''तिरंगा'' में लगाया जाता था, जबकि शेष रकम विभिन्न बैंक खातों, जिनमें आरोपी की पत्नी का खाता भी शामिल है, में स्थानांतरित कर निकाल ली जाती थी। वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए आईफोन मोबाइल दुकानों पर बेचकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 28 मई को एक पीड़ित के खाते से 95 हजार रुपये और तीन जुलाई को दूसरे पीड़ित के खाते से एक लाख रुपये निकाले गए। सात जुलाई को ठगी की रकम में से 65 हजार रुपये ऑनलाइन गेमिंग में लगाए गए, जिसमें नौ हजार रुपये का नुकसान हुआ। शेष 56 हजार रुपये आरोपी ने अपनी पत्नी के खाते में स्थानांतरित कर निकाल लिए। पुलिस के अनुसार अरुण कुमार वर्मा के खाते से कुल 1.65 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपियों के कब्जे से तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 24 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। मामले की जांच जारी है।