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Balrampur News: हरियाली के लिए तैयार हैं साढ़े तीन लाख पौधे
Fri, 05 Jun 2026 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:29 AM IST
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हरैया सतघरवा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पृथ्वी को हरा-भरा और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारी की है। बनकटवा रेंज क्षेत्र की पौधशालाओं में औषधीय एवं बहुमूल्य प्रजातियों के लाखों पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें आगामी पौधरोपण अभियान में लगाया जाएगा।
क्षेत्रीय वनाधिकारी बनकटवा रेंज शत्रुहन लाल ने बताया कि रेंज क्षेत्र की बनकटवा और कोहड़ौरा पौधशालाओं में करीब 3.50 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें औषधीय गुणों से भरपूर बहेड़ा, हरड़, आंवला, नीम के साथ-साथ बहुमूल्य प्रजातियों के शीशम, सागौन, जामुन और गुटैल के पौधे भी शामिल हैं। बताया कि तैयार पौधों का उपयोग वन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा आमजन, संस्थाओं और किसानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से हरित आवरण बढ़ाया जा सके। कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का प्रभावी उपाय भी है। इसी उद्देश्य से विभाग बड़े पैमाने पर पौध तैयार कर रहा है, ताकि क्षेत्र को हराभरा बनाने के अभियान को गति मिल सके।
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क्षेत्रीय वनाधिकारी बनकटवा रेंज शत्रुहन लाल ने बताया कि रेंज क्षेत्र की बनकटवा और कोहड़ौरा पौधशालाओं में करीब 3.50 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें औषधीय गुणों से भरपूर बहेड़ा, हरड़, आंवला, नीम के साथ-साथ बहुमूल्य प्रजातियों के शीशम, सागौन, जामुन और गुटैल के पौधे भी शामिल हैं। बताया कि तैयार पौधों का उपयोग वन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण के लिए किया जाएगा।
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इसके अलावा आमजन, संस्थाओं और किसानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से हरित आवरण बढ़ाया जा सके। कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का प्रभावी उपाय भी है। इसी उद्देश्य से विभाग बड़े पैमाने पर पौध तैयार कर रहा है, ताकि क्षेत्र को हराभरा बनाने के अभियान को गति मिल सके।
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