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Balrampur News: एप के जरिए फसलों का होगा ऑनलाइन ई-क्रॉप सर्वे
Sun, 06 Aug 2023 05:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 06 Aug 2023 05:40 PM IST
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फोटो-6
पहले चरण में जिले के 10 गांवों का होगा सर्वे
फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण व फोटो अपलोड की जाएगी
राकेश कश्यप
बलरामपुर। कृषि विभाग और किसान दोनों हाईटेक टेक्नोलाॅजी से जुड़ रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से इस साल फसलों का ऑनलाइन ई-क्राॅप सर्वे कराया जाएगा। पहले चरण में जिले के 10 गांवों का सर्वे होगा। गांव में बोई गई फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण व फोटो एप पर अपलोड किया जाएगा। ऑनलाइन सर्वे के लिए विभाग की तरफ से ई-पड़ताल मोबाइल एप लांच किया गया है। ऑनलाइन सर्वे में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की मदद ली जाएगी।
प्रत्येक वर्ष जिले में कृषि योग्य भूमि पर कौन सी फसल उगी है, कितना जमीन खाली है, इसका सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर खसरा-खतौनी का डाटा तैयार किया जाता है। इस साल यह सर्वे मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत ऑनलाइन ई-क्राॅप सर्वे किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 10 गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे शुरू किया जाएगा। ऑनलाइन सर्वे में गांव में उगी फसलों, परती जमीन व नान एग्रीकल्चर लैंड आदि का डाटा एकत्र किया जाएगा। खेत का फोटो भी अपलोड किया जाएगा। डिजिटल सर्वे के लिए टीम बनाई गई है। सर्वे टीम में लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक व सहायक तकनीकी प्रबंधक शामिल रहेंगे। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षकों को सुपरवाइजर तथा नायब तहसीलदार को सत्यापनकर्ता बनाया गया है। टीम एक दिन में न्यूनतम 50 प्लाट का सर्वे करेगी। ऑनलाइन सर्वे के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है।
इनसेट
इन गांवों में शुरू होगा सर्वे
जिले के 10 गांवों में ई-क्राप सर्वे किया जाएगा। इसमें बलरामपुर तहसील के मिर्जापुर, सुगानगर, ज्योनार, अरनहवा, तुलसीपुर तहसील के गोविंदपुर, साहबनगर, नेटहवा तथा उतरौला तहसील के कालू बनकट, छीतरपारा व रानीपुर गांव शामिल हैं।
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इनसेट
ऑनलाइन सर्वे का मुख्य उद्देश्य
ऑनलाइन सर्वे होने से फसलों के आच्छादन से संबंधित शुद्ध डाटा प्राप्त होगा। इससे योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन व कृषि उत्पादों के विपणन आदि में सुविधाजनक होगा। कृषि संबंधित संचालित योजनाओं का लाभ सुगम व पारदर्शी तरीके से किसानों को मिल सकेगा। लाभार्थियों की पहचान एवं प्रमाणीकरण में मदद मिलेगी।
इनसेट
सर्वे के लिए कर्मचारियों को दिया गया है प्रशिक्षण
एग्रीस्टैक परियोजना के तहत इस वर्ष फसलों का ऑनलाइन ई-क्राप सर्वे होगा। इसके लिए सर्वे टीम में सदस्यों को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण दिया गया है। शीघ्र ही जिले के 10 गांवों में ई-क्राप सर्वे शुरू कराया जाएगा।
- नरेंद्र कुमार, उप निदेशक कृषि
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पहले चरण में जिले के 10 गांवों का होगा सर्वे
फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण व फोटो अपलोड की जाएगी
राकेश कश्यप
बलरामपुर। कृषि विभाग और किसान दोनों हाईटेक टेक्नोलाॅजी से जुड़ रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से इस साल फसलों का ऑनलाइन ई-क्राॅप सर्वे कराया जाएगा। पहले चरण में जिले के 10 गांवों का सर्वे होगा। गांव में बोई गई फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण व फोटो एप पर अपलोड किया जाएगा। ऑनलाइन सर्वे के लिए विभाग की तरफ से ई-पड़ताल मोबाइल एप लांच किया गया है। ऑनलाइन सर्वे में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की मदद ली जाएगी।
प्रत्येक वर्ष जिले में कृषि योग्य भूमि पर कौन सी फसल उगी है, कितना जमीन खाली है, इसका सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर खसरा-खतौनी का डाटा तैयार किया जाता है। इस साल यह सर्वे मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत ऑनलाइन ई-क्राॅप सर्वे किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 10 गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे शुरू किया जाएगा। ऑनलाइन सर्वे में गांव में उगी फसलों, परती जमीन व नान एग्रीकल्चर लैंड आदि का डाटा एकत्र किया जाएगा। खेत का फोटो भी अपलोड किया जाएगा। डिजिटल सर्वे के लिए टीम बनाई गई है। सर्वे टीम में लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक व सहायक तकनीकी प्रबंधक शामिल रहेंगे। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षकों को सुपरवाइजर तथा नायब तहसीलदार को सत्यापनकर्ता बनाया गया है। टीम एक दिन में न्यूनतम 50 प्लाट का सर्वे करेगी। ऑनलाइन सर्वे के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है।
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इन गांवों में शुरू होगा सर्वे
जिले के 10 गांवों में ई-क्राप सर्वे किया जाएगा। इसमें बलरामपुर तहसील के मिर्जापुर, सुगानगर, ज्योनार, अरनहवा, तुलसीपुर तहसील के गोविंदपुर, साहबनगर, नेटहवा तथा उतरौला तहसील के कालू बनकट, छीतरपारा व रानीपुर गांव शामिल हैं।
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ऑनलाइन सर्वे का मुख्य उद्देश्य
ऑनलाइन सर्वे होने से फसलों के आच्छादन से संबंधित शुद्ध डाटा प्राप्त होगा। इससे योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन व कृषि उत्पादों के विपणन आदि में सुविधाजनक होगा। कृषि संबंधित संचालित योजनाओं का लाभ सुगम व पारदर्शी तरीके से किसानों को मिल सकेगा। लाभार्थियों की पहचान एवं प्रमाणीकरण में मदद मिलेगी।
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सर्वे के लिए कर्मचारियों को दिया गया है प्रशिक्षण
एग्रीस्टैक परियोजना के तहत इस वर्ष फसलों का ऑनलाइन ई-क्राप सर्वे होगा। इसके लिए सर्वे टीम में सदस्यों को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण दिया गया है। शीघ्र ही जिले के 10 गांवों में ई-क्राप सर्वे शुरू कराया जाएगा।
- नरेंद्र कुमार, उप निदेशक कृषि