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Balrampur News: कल से 113 परियोजनाओं के साथ शुरू होगी वीबी-जी राम-जी योजना
Tue, 30 Jun 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:44 PM IST
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बलरामपुर। जिले में ग्रामीण विकास और रोजगार की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम-जी) लागू होगा। इसके तहत दो जुलाई को जिले की 793 ग्राम पंचायतों में 113 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही सभी नौ विकासखंडों की दो-दो ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन आयोजित कर योजना का औपचारिक शुभारंभ होगा।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और ग्राम्य विकास विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जन सम्मेलनों में जनप्रतिनिधियों, श्रमिकों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान नई योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों और विकसित ग्राम पंचायत योजना की जानकारी पोस्टर, बैनर व स्टैंडी के माध्यम से दी जाएगी।
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार सुशील अग्रहरि ने बताया कि नई योजना में केवल मजदूरी आधारित रोजगार ही नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष जोर रहेगा। जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, जल निकासी, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक परिसंपत्तियों और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण आधारभूत ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य नई व्यवस्था में समाहित कर दिए जाएंगे। पात्र श्रमिकों को रोजगार मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक ई-केवाईसी सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड मान्य रहेंगे।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी का प्रावधान किया गया है, जो पहले की व्यवस्था से अधिक है। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार दो जुलाई को आयोजित जन सम्मेलनों के माध्यम से योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि पात्र श्रमिक और ग्रामीण नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठा सकें।
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शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और ग्राम्य विकास विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जन सम्मेलनों में जनप्रतिनिधियों, श्रमिकों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान नई योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों और विकसित ग्राम पंचायत योजना की जानकारी पोस्टर, बैनर व स्टैंडी के माध्यम से दी जाएगी।
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उपायुक्त श्रम एवं रोजगार सुशील अग्रहरि ने बताया कि नई योजना में केवल मजदूरी आधारित रोजगार ही नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष जोर रहेगा। जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, जल निकासी, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक परिसंपत्तियों और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण आधारभूत ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य नई व्यवस्था में समाहित कर दिए जाएंगे। पात्र श्रमिकों को रोजगार मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक ई-केवाईसी सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड मान्य रहेंगे।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी का प्रावधान किया गया है, जो पहले की व्यवस्था से अधिक है। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार दो जुलाई को आयोजित जन सम्मेलनों के माध्यम से योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि पात्र श्रमिक और ग्रामीण नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठा सकें।