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Balrampur News: ब्लैकमेलिंग के सदमे में हुई थी सफाईकर्मी की मौत

Sun, 08 Jan 2023 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 10:36 PM IST
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The sweeper died due to the shock of blackmailing
बलरामपुर। महराजगंज तराई क्षेत्र में सफाईकर्मी इस्तखाम का शव मिलने के मामले में पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। खुलासा किया कि इस्तखाम ब्लैकमेलिंग करने वाले भरतपुर के गिरोह का शिकार हो गया था। सवा दो लाख रुपये देने के बाद भी और रकम की मांग की जा रही थी। इसी सदमे में उसकी मौत हुई थी।
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पुलिस कार्यालय में रविवार को एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि छह सितंबर 2022 को तुलसीपुर के शेखडीह सुखरामपुर निवासी सफाईकर्मी इस्तखाम का शव महराजगंज तराई क्षेत्र में मिला था। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज करा पुलिस को बताया था कि वह कई दिन से परेशान थे। कई बार किसी के खाते में पैसे भी भेजे थे। इस्तखाम के मोबाइल में एक व्हाट्सएप नंबर से कुछ अश्लील फोटो भेजी गई थीं। जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर उनसे ब्लैकमेलिंग की गई थी।
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एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए साइबर सेल के साथ ही पुलिस टीम को लगाया गया था। जांच में पता चला कि भरतपुर में एक गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के बदमाश लोगों को जाल में फंसाकर वीडियो कॉल कर अश्लील क्लिप व फोटो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करते हैं। पुलिस ने इस मामले में भरतपुर जिले के थाना सिकरी रोड के मोहल्ला नगर निवासी मुस्ताक खां व थाना नगर के धनमतपुरा निवासी शारुख खां को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
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एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि इनके गैंग में कई अन्य लोग शामिल हैं। ये लोग फेसबुक व इंस्टाग्राम पर लड़कियों की डीपी लगाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। फिर जाल में फंसे लोगों को वीडियो कॉल करने को कहते हैं।
जब कोई व्यक्ति वीडियो कॉल करता है तो ये लोग अपनी तरफ अश्लील वीडियो चालू कर देते हैं। फोन करने वाले को भी उकसाते हैं। इस कॉल की स्क्रीन रिकार्डिंग कर ली जाती है। जिसे कॉल करने वाले को भेजकर ब्लैकमेल किया जाता है। ये वीडियो या फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे देने का दबाव बनाया जाता है। यही नहीं, क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी व यू-ट्यूब के नोडल बनकर फर्जी एफआईआर की कॉपी भेजकर गिरफ्तारी का डर दिखाकर भी पैसे मांगे जाते हैं।
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने सफाईकर्मी से सवा दो लाख रुपये वसूले थे। सफाईकर्मी ने जिस बैंक खाते में रकम जमा कराई थी, उसी की जानकारी जुटाकर आरोपियों को दबोचा गया है। दोनों ने पूछताछ में बताया कि देशभर में अब तक सैकड़ों लोगों को शिकार बनाकर करोड़ों रुपये वसूल चुके हैं। गिरोह के बारे में और जानकारी जुटाने के साथ ही इससे जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।

सफाईकर्मी की मौत के मामले में खुलासा कर दो आरोपियों को दबोचने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 20 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस टीम में महाराजगंज तराई इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी श्यामलाल यादव, उपनिरीक्षक अजय कुमार मौर्या, साइबर सेल के प्रभारी पवन कुमार कनौजिया शामिल हैं।
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