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Balrampur News: संसद में गूंजा राप्ती व पहाड़ी नालों से तबाही का मुद्दा

Fri, 04 Apr 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 04 Apr 2025 12:10 AM IST
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The issue of destruction caused by Rapti and mountain streams echoed in the Parliament
बलरामपुर। जिले में हर साल राप्ती नदी एवं पहाड़ी नालों में आने वाली बाढ़ से होने वाले तबाही का मुद्दा श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि ने बृहस्पतिवार को संसद में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने नदियों एवं पहाड़ी नालों से होकर गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर पक्का पुल बनवाए जाने की मांग की।
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सांसद ने कहा कि श्रावस्ती और बलरामपुर अति पिछड़े जनपदों में शामिल है, जो भारत-नेपाल सीमा पर तराई क्षेत्र में स्थापित है। इन दोनों जनपदों में राप्ती नदी व बूढ़ी राप्ती के साथ-साथ पहाड़ी नाले हर साल बरसात के समय बाढ़ आने पर भारी तबाही मचाते हैं। सैकड़ों बीघे खेत, घर व रास्ते नदी की धारा में समाहित हो जाता है। नदी व नालों में बाढ़ आने के बाद दो से तीन माह तक कई गांवों का संपर्क टूट जाता है।
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ऐसे में ग्रामीण नाव से पहाड़ी नाले व राप्ती नदी को पार कर आवागमन करने को मजबूर होते हैं। इससे नाव पलटने और जान जाने का खतरा बना रहता है। सांसद प्रतिनिधि डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि सांसद ने बलरामपुर के तुलसीपुर तहसील के बेलाघाट, श्रीदत्तगंज के खम्हरिया घाट, हरैया सतघरवा के ग्राम पंचायत ढोढरीघाट, सदर विकास खंड के पैगापुर, श्रीदत्तगंज के भिटौड़ी घाट, कमरहना घाट, भगवानपुर घाट तथा बूढ़ी राप्ती के भगवानपुर खादर के पास पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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