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Balrampur News: पांच साल से अटका मैत्री द्वार का सपना, अब बनने को तैयार

Mon, 29 Sep 2025 10:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Sep 2025 10:27 PM IST
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The dream of Friendship Gate, stalled for five years, is now ready to be built.
-बलरामपुर के गैसड़ी में ​खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करती मुख्य अति​थि व अन्य।-स्रोत: आयोजक
जरवा। भारत-नेपाल सीमा पर प्रेम और विकास का प्रतीक मैत्री द्वार मूर्त रूप लेने जा रहा है। पांच वर्ष से अटके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम अब विभागीय अनुमति के बाद शुरू होने जा रहा है। इससे सीमा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। आर्थिक स्थिति और सांस्कृतिक रिश्तों को भी नई उड़ान मिलेगी।
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दो वर्ष पहले 114.91 लाख रुपये से जरवा से छह किलोमीटर अंदर टंडवा में निर्माण शुरू हुआ, लेकिन नागरिकता व अन्य समस्याओं का हवाला देकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ा तो काम रोक दिया गया। वर्ष 2024 में इसे सीमा से सटे ही बनाने की अनुमति दी गई और बजट भी करीब 1.24 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया। इस बीच वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने से निर्माण एक साल तक रुका रहा।
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स्थानीय निवासी हीरालाल यादव, विशंभर प्रसाद, प्रधान हरीश मिश्रा, शकील खान, मुस्तकीम और खेमसिंह थारू कहते हैं कि यदि प्रवेश द्वार समय से बन जाता, तो हमारी आर्थिक स्थिति व पहचान दोनों में बड़ा सुधार होता। स्थानीय लोगों का मानना है कि जरवा सीमा पर बनने वाला यह मैत्री द्वार भारत-नेपाल की दोस्ती और सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक होगा।
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वन विभाग की अनुमति के बाद हरी झंडी
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राकेश मल्ल ने बताया कि जेसीबी से तीन पिलरों की खोदाई भी शुरू हो चुकी थी, लेकिन रामपुर रेंज के उपरेंजर वीर बहादुर सिंह और रेंजर प्रभात वर्मा ने वाइल्डलाइफ की अनुमति न होने के कारण काम रुकवा दिया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। अब विभागीय स्तर पर वन्यजीव सुरक्षा हेतु जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं और अनुमति भी मिल चुकी है।

सीमा के छह किमी अंदर निर्माण पर हुई थी आपत्ति
गैसड़ी विधायक राकेश यादव ने बताया कि छह किलोमीटर अंदर टंडवा में जब द्वार बनना शुरू हुआ, तब हमारे पिता डॉ. एसपी यादव ने नागरिकता व सीमा पहचान के मुद्दे को उठाकर विरोध किया था। इसके बाद शासन ने तय किया कि द्वार केवल सीमा पर ही बनेगा। (संवाद)

-बलरामपुर के गैसड़ी में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करती मुख्य अतिथि व अन्य।-स्रोत: आयोजक

-बलरामपुर के गैसड़ी में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करती मुख्य अतिथि व अन्य।-स्रोत: आयोजक

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