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Balrampur News: पीएमश्री विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाएंगे आईआईटी के शिक्षक
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बलरामपुर में स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय सिंहवापुर। संवाद
बलरामपुर। पीएमश्री विद्यालयों के विद्यार्थी आईआईटी कानपुर के शिक्षकों और शोधार्थियों से पढ़ाई का अवसर पाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह पहल शुरू की है। इसके तहत विशेषज्ञ ऑनलाइन क्लास लेंगे। यह क्लास इंटरैक्टिव (परस्पर संवादात्मक) होगी, जिसमें छात्र सवाल भी पूछ सकेंगे।
विद्यार्थियों को गणित, फिजिक्स और केमेस्ट्री जैसे विषयों में आईआईटी के शिक्षक व शोधार्थी पढ़ाएंगे। हर महत्वपूर्ण चैप्टर की वीडियो क्लास तैयार होगी। वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड होंगे, ताकि छात्र कभी भी देख सकें। पाठ्य सामग्री से जुड़े क्यूआर कोड स्कैन करने पर वीडियो और प्रिंट मैटेरियल उपलब्ध होंगे। साइंस किट के जरिए छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाएगी। यह पहल ऑनलाइन रूरल एजुकेशन इनिशिएटिव (ओरी) का हिस्सा है।
आईआईटी के वर्तमान शिक्षकों के साथ शोधार्थी और मास्टर डिग्री के छात्र भी कक्षा लेंगे। अब तक इस प्लेटफार्म से 50 से ज्यादा शिक्षक व शोधार्थी जुड़ चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बलरामपुर जैसे जिलों में इस पहल से ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। आईआईटी विशेषज्ञों से सीधा संवाद करके विद्यार्थी विज्ञान की कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझ सकेंगे। सहायक शिक्षा निदेशक राम सागर पति त्रिपाठी ने बताया कि जिले के एक शिक्षक को आईआईटी कानपुर में प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, जो इस पहल को नियमित रूप से लागू कर सके। कहा कि पढ़ाई को बेहतर बनाने की पहल बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग कर रहा है।
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विद्यार्थियों को गणित, फिजिक्स और केमेस्ट्री जैसे विषयों में आईआईटी के शिक्षक व शोधार्थी पढ़ाएंगे। हर महत्वपूर्ण चैप्टर की वीडियो क्लास तैयार होगी। वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड होंगे, ताकि छात्र कभी भी देख सकें। पाठ्य सामग्री से जुड़े क्यूआर कोड स्कैन करने पर वीडियो और प्रिंट मैटेरियल उपलब्ध होंगे। साइंस किट के जरिए छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाएगी। यह पहल ऑनलाइन रूरल एजुकेशन इनिशिएटिव (ओरी) का हिस्सा है।
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आईआईटी के वर्तमान शिक्षकों के साथ शोधार्थी और मास्टर डिग्री के छात्र भी कक्षा लेंगे। अब तक इस प्लेटफार्म से 50 से ज्यादा शिक्षक व शोधार्थी जुड़ चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बलरामपुर जैसे जिलों में इस पहल से ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। आईआईटी विशेषज्ञों से सीधा संवाद करके विद्यार्थी विज्ञान की कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझ सकेंगे। सहायक शिक्षा निदेशक राम सागर पति त्रिपाठी ने बताया कि जिले के एक शिक्षक को आईआईटी कानपुर में प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, जो इस पहल को नियमित रूप से लागू कर सके। कहा कि पढ़ाई को बेहतर बनाने की पहल बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग कर रहा है।
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