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Balrampur News: एसटीएफ ने धर्मांतरण और टेरर फंडिंग नेटवर्क को खंगाला
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बलरामपुर। अवैध धर्मांतरण और टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसटीएफ ने जिले में छानबीन की। बीते दो दिनों से टीम लगातार दबिश देकर उसके सहयोगियों और राजदारों की तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
एटीएस की एफआईआर में छांगुर के नौ सहयोगियों के नाम दर्ज हैं, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए जतन कर रहे हैं। इनके खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन अब एसटीएफ ने जिलेभर में कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार और मंगलवार की रात टीम ने जिला मुख्यालय पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
बलरामपुर के एक होटल में छांगुर के साथियों के आने की सूचना पर जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, लेकिन दबिश से पहले ही सभी होटल से निकल गए थे। होटल स्टाफ और आसपास के लोगों को फोटो दिखाकर उनकी पहचान की कोशिश की गई।
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सूत्रों के अनुसार एसटीएफ ने शहर के कई होटल और लॉज में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी हुई, जिनसे टेरर फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उतरौला में भी दबिश की बात सामने आई है। मुख्य आरोपी छांगुर के अधिकतर सहयोगी उतरौला क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। आरोपी भूमिगत हो गए हैं, लेकिन उनके नजदीकी लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाए जा रहे हैं। टीम का दावा है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी हो जाएगी।
नेपाल में छांगुर के सहयोगियों का मिला सुराग
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के डर से छांगुर के कई गुर्गों ने नेपाल में शरण ले रखी है। इनमें से कुछ अलग-अलग पेशे से जुड़े हैं और अपनी पहचान छिपाकर पड़ोसी मुल्क में रह रहे हैं। एटीएस और एसटीएफ को नेपाल में उनकी मौजूदगी के पुख्ता इनपुट मिले हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में एजेंसियों का नेटवर्क अलर्ट मोड पर है। उम्मीद है कि नेपाल में छिपे इन गुर्गों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
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एटीएस की एफआईआर में छांगुर के नौ सहयोगियों के नाम दर्ज हैं, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए जतन कर रहे हैं। इनके खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन अब एसटीएफ ने जिलेभर में कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार और मंगलवार की रात टीम ने जिला मुख्यालय पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
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बलरामपुर के एक होटल में छांगुर के साथियों के आने की सूचना पर जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, लेकिन दबिश से पहले ही सभी होटल से निकल गए थे। होटल स्टाफ और आसपास के लोगों को फोटो दिखाकर उनकी पहचान की कोशिश की गई।
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सूत्रों के अनुसार एसटीएफ ने शहर के कई होटल और लॉज में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी हुई, जिनसे टेरर फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उतरौला में भी दबिश की बात सामने आई है। मुख्य आरोपी छांगुर के अधिकतर सहयोगी उतरौला क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। आरोपी भूमिगत हो गए हैं, लेकिन उनके नजदीकी लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाए जा रहे हैं। टीम का दावा है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी हो जाएगी।
नेपाल में छांगुर के सहयोगियों का मिला सुराग
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के डर से छांगुर के कई गुर्गों ने नेपाल में शरण ले रखी है। इनमें से कुछ अलग-अलग पेशे से जुड़े हैं और अपनी पहचान छिपाकर पड़ोसी मुल्क में रह रहे हैं। एटीएस और एसटीएफ को नेपाल में उनकी मौजूदगी के पुख्ता इनपुट मिले हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में एजेंसियों का नेटवर्क अलर्ट मोड पर है। उम्मीद है कि नेपाल में छिपे इन गुर्गों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।