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Balrampur News: नवचंदी जुमेरात पर आस्ताने में विशेष फातिहा, मुल्क में अमन-चैन की मांगी दुआ
Fri, 17 Jul 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:10 PM IST
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फोटो-2-बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर दुआ माँगते अकीदतमंद।-संवाद
बलरामपुर। नवचंदी जुमेरात के अवसर पर शहर स्थित आस्ताने पर विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर कुल शरीफ, फातिहा और कुरआनखानी में हिस्सा लिया। इस दौरान मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और इंसानियत की सलामती के लिए दुआ की गई।
नवचंदी जुमेरात की सुबह नौ बजे बाबा मसीउल्लाह शाह वारसी के माहाना कुल शरीफ का आगाज तिलावत-ए-कुरआन से हुआ। इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और समाज में आपसी सौहार्द, लोगों की सेहत और तरक्की के लिए दुआ मांगी गई। अकीदतमंदों ने आस्ताने पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
आस्ताने के सचिव हकीम निसार वारिस और अब्बास अली सिद्दीकी ने बताया कि नवचंदी जुमेरात इबादत, दुआ और अल्लाह की रहमत हासिल करने का खास मौका होता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा कायम रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
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देर शाम ईशा की नमाज के बाद आस्ताने पर मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। रात 10 बजे मौला अली, 10:30 बजे हाजी वारिस अली शाह और इसके बाद गुलामाने वारसी का कुल शरीफ पढ़ा गया।
कार्यक्रम के समापन पर आस्ताना कमेटी के सुपरवाइजर डॉ. तारिक अफजल सिद्दीकी, मोहम्मद हसन कुरैशी, इकबाल जावेद, मोहम्मद समी खान, रफीक बाबा और मुस्तफा बाबा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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नवचंदी जुमेरात की सुबह नौ बजे बाबा मसीउल्लाह शाह वारसी के माहाना कुल शरीफ का आगाज तिलावत-ए-कुरआन से हुआ। इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और समाज में आपसी सौहार्द, लोगों की सेहत और तरक्की के लिए दुआ मांगी गई। अकीदतमंदों ने आस्ताने पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
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आस्ताने के सचिव हकीम निसार वारिस और अब्बास अली सिद्दीकी ने बताया कि नवचंदी जुमेरात इबादत, दुआ और अल्लाह की रहमत हासिल करने का खास मौका होता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा कायम रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
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देर शाम ईशा की नमाज के बाद आस्ताने पर मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। रात 10 बजे मौला अली, 10:30 बजे हाजी वारिस अली शाह और इसके बाद गुलामाने वारसी का कुल शरीफ पढ़ा गया।
कार्यक्रम के समापन पर आस्ताना कमेटी के सुपरवाइजर डॉ. तारिक अफजल सिद्दीकी, मोहम्मद हसन कुरैशी, इकबाल जावेद, मोहम्मद समी खान, रफीक बाबा और मुस्तफा बाबा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।