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समय से 196 मामले निस्तारित न होने पर एसपी नाराज
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बलरामपुर। समय से 196 मामले निस्तारित न होने पर एसपी देवरंजन वर्मा ने शुक्रवार को कड़ी नाराजगी जताई है। सभी पुलिस अफसरों को समय से मामलों का निस्तारण कराने का निर्देश एसपी ने दिया है।
एसपी ने बताया कि शासन स्तर से डेली डिफॉल्टर रिपोर्ट की सूचना भेजी गई है। सिंक डिफॉल्टर जो थाने सीसीटीएनएस का डाटा दो दिन से अधिक समय से सिंक न करा पाए हो ऐसे मामले सिंक डिफॉल्टर की सूची में आते है। इसी तरह से यूपी कॉप में जो प्रार्थना पत्र आते है उनकी समय सीमा 15 दिन की होती है। इस अवधि तक यदि जांच रिपोर्ट थाने स्तर से नहीं लगती है तो वे यूपी कॉप डिफॉल्टर की लिस्ट में आते है।
सीडी डिफॉल्टर के तहत विवेचना में सीडी 15 दिन के अंदर तक नहीं काटी गई तो वे सीडी डिफॉल्टर के लिए लिस्ट में जाएंगे। 1090 डिफॉल्टर की सूची में वूमेन पावर लाइन की शिकायतों की निस्तारण के लिए सात दिन की समय सीमा होती है। इससे अधिक समय होने पर लंबित प्रकरणों को डिफॉल्टर माना जाता है। 23 जनवरी 2020 डिफॉल्टर सूची शासन स्तर से भेजी गई है। सूची में सिंक डिफाल्टर के छह, यूपी कॉप के दो, 1090 के 48 व सीडी के 140 मामले डिफॉल्टर दर्शाए गए है।
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थाना रेहरा बाजार में 27 दिन, महिला में 17 दिन, उतरौला कोतवाली में छह दिन, महराजगंज तराई में छह दिन, गैसड़ी व पचपेड़वा में चार-चार दिन से एक-एक सिंक डिफॉल्टर के मामले पाए गए है। नगर कोतवाली में दो प्रकरण यूपी कॉप डिफॉल्टर में मिला है। 1090 डिफॉल्टर में कोतवाली नगर के साथ देहात के दो, महराजगंज तराई के दो, ललिया के 12, रेहरा बाजार के आठ, जरवा के तीन, गैसड़ी के एक, पचपड़ेवा के छह, हरैया के पांच व महिला थाने के दो प्रकरण शामिल है।
सीडी डिफॉल्टर में कोतवाली नगर में 17 मुकदमे, कोतवाली देहात में 56 मुकदमे, गौरा चौराहा में सात मुकदमे, महराजगंज तराई थाने में आठ मुकदमे, तुलसीपुर थाने में 13 मुकदमे, ललिया थाने में 22 मुकदमे, कोतवाली उतरौला में 20 मुकदमे, सादुल्लाहनगर में चार मुकदमे और रेहरा बाजार में तीन मुकदमे है।
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एसपी ने बताया कि शासन स्तर से डेली डिफॉल्टर रिपोर्ट की सूचना भेजी गई है। सिंक डिफॉल्टर जो थाने सीसीटीएनएस का डाटा दो दिन से अधिक समय से सिंक न करा पाए हो ऐसे मामले सिंक डिफॉल्टर की सूची में आते है। इसी तरह से यूपी कॉप में जो प्रार्थना पत्र आते है उनकी समय सीमा 15 दिन की होती है। इस अवधि तक यदि जांच रिपोर्ट थाने स्तर से नहीं लगती है तो वे यूपी कॉप डिफॉल्टर की लिस्ट में आते है।
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सीडी डिफॉल्टर के तहत विवेचना में सीडी 15 दिन के अंदर तक नहीं काटी गई तो वे सीडी डिफॉल्टर के लिए लिस्ट में जाएंगे। 1090 डिफॉल्टर की सूची में वूमेन पावर लाइन की शिकायतों की निस्तारण के लिए सात दिन की समय सीमा होती है। इससे अधिक समय होने पर लंबित प्रकरणों को डिफॉल्टर माना जाता है। 23 जनवरी 2020 डिफॉल्टर सूची शासन स्तर से भेजी गई है। सूची में सिंक डिफाल्टर के छह, यूपी कॉप के दो, 1090 के 48 व सीडी के 140 मामले डिफॉल्टर दर्शाए गए है।
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थाना रेहरा बाजार में 27 दिन, महिला में 17 दिन, उतरौला कोतवाली में छह दिन, महराजगंज तराई में छह दिन, गैसड़ी व पचपेड़वा में चार-चार दिन से एक-एक सिंक डिफॉल्टर के मामले पाए गए है। नगर कोतवाली में दो प्रकरण यूपी कॉप डिफॉल्टर में मिला है। 1090 डिफॉल्टर में कोतवाली नगर के साथ देहात के दो, महराजगंज तराई के दो, ललिया के 12, रेहरा बाजार के आठ, जरवा के तीन, गैसड़ी के एक, पचपड़ेवा के छह, हरैया के पांच व महिला थाने के दो प्रकरण शामिल है।
सीडी डिफॉल्टर में कोतवाली नगर में 17 मुकदमे, कोतवाली देहात में 56 मुकदमे, गौरा चौराहा में सात मुकदमे, महराजगंज तराई थाने में आठ मुकदमे, तुलसीपुर थाने में 13 मुकदमे, ललिया थाने में 22 मुकदमे, कोतवाली उतरौला में 20 मुकदमे, सादुल्लाहनगर में चार मुकदमे और रेहरा बाजार में तीन मुकदमे है।