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श्रावस्ती, देवीपाटन व सोहेलवा वन क्षेत्र बनेगा पर्यटन हब

Thu, 29 Aug 2019 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:51 PM IST
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Shravasti, Devipatan and Sohelwa forest areas will become tourist hubs
बलरामपुर के सोहेलवा सेंक्चुरी का विहंगम दृश्य। - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। तराई क्षेत्र के प्रसिद्घ तीर्थ स्थल समेत जैव विविधताओं से परिपूर्ण सोहेलवा सेंक्चुरी अब पर्यटन परिक्षेत्र में शुमार होगी। सेंक्चुरी में स्थित प्राकृतिक जलाशय पर्यटकों के नौका बिहार के लिए तैयार किए जाएंगे। अटल कला संकुल बनाकर उनमें तराई क्षेत्र तथा थारू जनजाति की लोक कलाओं को संरक्षित व संवर्द्घित किया जाएगा।
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बुधवार को यह निर्णय सीएम की अध्यक्षता में पर्यटन, वन विभाग तथा प्रशासनिक अफसरों की बैठक की बैठक में लिया गया है। देवीपाटन शक्तिपीठ में चली मैराथन बैठक के दौरान क्षेत्र में इको टूरिज्म डेवलेप करने की हर संभावनाओं पर मंथन किया गया। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरती यादव ने बैठक में पर्यटन की संभावनाओं पर अपना प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। सीएम ने बौद्ध तीर्थस्थल श्रावस्ती, शक्तिपीठ देवीपाटन तथा सोहेलवा सेंक्चुरी में पर्यटन की हर संभावनाएं तलाशने तथा उसका खाका प्रस्तुत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
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पर्यटन विकास के जरिए क्षेत्र के युवाओं को बेहतर रोजगार मुहैया कराकर उनका देश विदेश में हो रहा पलायन रोकने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने सोहेलवा सेंक्चुरी में स्थित चित्तौड़गढ़, खैरमान, रजियाताल, गिरगिटही, भगवानपुर और कोहरगड्डी आदि जलाशयों में सिल्ट सफाई कर पर्यटकों के लिए टूरिस्ट हट तथा नौका बिहार विकसित करने का निर्देश भी संबंधित विभाग के अफसरों को दिया है। सूत्रों की माने तो इस पर्यटन परिक्षेत्र के विकसित होने पर यहां के देश के साथ विदेशी बौद्ध भिक्षु जो श्रावस्ती में वर्ष भर आते रहते हैं उनसे भी व्यापक विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी। क्षेत्र के सड़कों को भी पर्यटन के हिसाब से बेहतर बनाने का प्लान तैयार किया जाएगा।
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इस क्षेत्र में अटल कला संकुल बनाकर तराई क्षेत्र की लोक कलाओं व जैव विविधताओं के साथ-साथ थारू जनजाति सामाजिक व सांस्कृतिक धरोहरों को भी संरक्षित व संवर्द्धित किए जाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। यदि सब कुछ सही दिशा और सही समय पर पूरा किया गया तो शीघ्र ही यह पर्यटन परिक्षेत्र विश्व के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित होने लगेगा।
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