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पति व सास-ससुर को सात वर्ष की कैद

Mon, 18 Apr 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 10:45 PM IST
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Seven years imprisonment for husband and mother-in-law
बलरामपुर। जिला सत्र न्यायाधीश ने आत्महत्या के लिए मजबूर का दोषी मानते हुए पति, सास व ससुर को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि शिवकुमार दुबे ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा था कि उनकी बेटी साधना की शादी सूर्यप्रकाश से हुई थी। पति सूर्यप्रकाश के साथ ही सास व ससुर दहेज के लिए साधना को प्रताड़ित करते थे। 26 जुलाई 2010 को सूचना मिलने पर साधना की ससुराल जाने पर वह मृत मिली। पुलिस ने एसपी के आदेश पर पति सूर्यप्रकाश, सास लीलावती व ससुर रामनारायण के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की।
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क्षेत्राधिकारी ने विवेचना करने के बाद तीनों अभियुक्तों को आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश नरेंद्र बहादुर यादव ने सूर्यप्रकाश, लीलावती व रामनारायण को आत्महत्या के लिए साधना को उकसाने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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