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Balrampur News: दहेज हत्या में पति व देवर को सात वर्ष की कैद
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बलरामपुर। जिला सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में पति व देवर को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 25-25 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि थाना सादुल्लाहनगर में भगना देवी ने सात अगस्त 2017 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी बेटी निर्मला का विवाह 10 माह पहले सादुल्लाहनगर के चपरतलवा गांव निवासी अशोक कुमार से किया था। ससुराल वालों ने दहेज न मिलने पर निर्मला को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देकर 14 मई 2017 को मार डाला। पुलिस ने पति अशोक, देवर गुड़ई, शेषराम, बबलू व ससुर परमेश्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
तत्कालीन क्षेत्राधिकारी उतरौला इंद्रजीत सिंह ने विवेचना में अशोक कुमार, गुड़ई व परमेश्वर दयाल को प्रथम दृष्टया दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जबकि शेषराम व बबलू को विवेचना में दोषी नहीं पाया गया। सत्र परीक्षण के दौरान परमेश्वर दयाल की मृत्यु हो जाने के कारण पत्रावली से उसका नाम अलग कर दिया गया।
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मुकदमे के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने बुधवार को पति अशोक कुमार व देवर गुड़ई को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का तिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि थाना सादुल्लाहनगर में भगना देवी ने सात अगस्त 2017 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी बेटी निर्मला का विवाह 10 माह पहले सादुल्लाहनगर के चपरतलवा गांव निवासी अशोक कुमार से किया था। ससुराल वालों ने दहेज न मिलने पर निर्मला को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देकर 14 मई 2017 को मार डाला। पुलिस ने पति अशोक, देवर गुड़ई, शेषराम, बबलू व ससुर परमेश्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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तत्कालीन क्षेत्राधिकारी उतरौला इंद्रजीत सिंह ने विवेचना में अशोक कुमार, गुड़ई व परमेश्वर दयाल को प्रथम दृष्टया दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जबकि शेषराम व बबलू को विवेचना में दोषी नहीं पाया गया। सत्र परीक्षण के दौरान परमेश्वर दयाल की मृत्यु हो जाने के कारण पत्रावली से उसका नाम अलग कर दिया गया।
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मुकदमे के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने बुधवार को पति अशोक कुमार व देवर गुड़ई को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का तिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।