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Balrampur News: वीर बाल दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन
Wed, 27 Dec 2023 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 27 Dec 2023 11:37 PM IST
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बलरामपुर। पॉयनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों को याद करते हुए देश व धर्म की रक्षा के लिए उनके बलिदान के बारे में बताया गया। गोष्ठी का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह व विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने शहीद पुत्रों के चित्र पर पुष्पार्चन करके किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह दोनों बड़े पुत्र दुश्मनों से अकेले जंग लड़ते हुए काफी कम उम्र में ही चमकौर साहिब के युद्ध में शहीद हुए थे। गुरु गोविंद सिंह माता गुजरी और दोनों छोटे पुत्रों ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि 1699 में गोविंद सिंह ने धर्म की रक्षा हेतु खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। गुरु गोबिंद सिंह के चारों बेटे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह सभी खालसा के हिस्सा थे। उन चारों को 7 वर्ष से 19 वर्ष की आयु में ही मुगल शासकों ने मार दिया था।
सिक्ख धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा दिखाते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में घोषणा की थी कि सिक्ख गुरु के बेटों की शहादत का दिन 26 दिसंबर अब वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वीर बाल दिवस भारतीयता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का प्रतीक है। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय व राघवेन्द्र त्रिपाठी आदि रहे।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह दोनों बड़े पुत्र दुश्मनों से अकेले जंग लड़ते हुए काफी कम उम्र में ही चमकौर साहिब के युद्ध में शहीद हुए थे। गुरु गोविंद सिंह माता गुजरी और दोनों छोटे पुत्रों ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि 1699 में गोविंद सिंह ने धर्म की रक्षा हेतु खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। गुरु गोबिंद सिंह के चारों बेटे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह सभी खालसा के हिस्सा थे। उन चारों को 7 वर्ष से 19 वर्ष की आयु में ही मुगल शासकों ने मार दिया था।
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सिक्ख धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा दिखाते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में घोषणा की थी कि सिक्ख गुरु के बेटों की शहादत का दिन 26 दिसंबर अब वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वीर बाल दिवस भारतीयता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का प्रतीक है। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय व राघवेन्द्र त्रिपाठी आदि रहे।
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