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Balrampur News: लालनगर सिपहिया में घूमता दूसरा तेंदुआ भी पिंजड़े में कैद
Sat, 06 Jan 2024 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 06 Jan 2024 11:43 PM IST
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बलरामपुर। महराजगंज तराई के लालनगर सिपहिया गांव में घूम रहा दूसरा तेंदुआ भी आखिरकार वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद से दूसरे तेंदुए को पकड़ने में जुटी वन विभाग की टीम को शनिवार सुबह उसे पिंजड़े में कैद करने में सफलता मिली। पकड़े गए तेंदुए को भी जनकपुर रेंज कार्यालय में पूर्व में पकड़े गई तेंदुए के साथ अलग पिंजड़े में रखा गया है।
बेलवा गांव में चार दिन पहले आदमखोर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद लालनगर सिपहिया गांव में दूसरा तेंदुआ दिखने से लोग फिर से दहशत में आ गए थे। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने ग्रामीण शिवकुमार मिश्र व मन्नान के खेत में दो पिंजड़े लगाए थे। इनमें से शिवकुमार मिश्र के खेत में लगे पिंजड़े में सुबह सात बजे करीब तेंदुआ फंस गया। पकड़े जाने के बाद बेचैन तेंदुआ दहाड़े मार कर सलाखों से सिर टकराने के कारण चोटिल भी हो गया।
डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ भी मादा है। उसकी उम्र करीब चार साल के आसपास है। पहले से ही जनकपुर रेंज दफ्तर में बेलवा में पकड़ा गया तेंदुआ भी रखा गया है। अब दोनों तेंदुए को लखनऊ अथवा गोरखपुर चिड़ियाघर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल वन विभाग की टीमें अभी भी निगरानी में सक्रिय रहेंगी।
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- लालनगर सिपहिया में ही सबसे पहले तेंदुए ने दो मासूमों को मौत के घाट उतारा था। बच्चों के शव मिलने के बाद जब वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया तो वह टीम को चकमा देता रहा। इसके बाद तेंदुए ने 11 नवंबर को अरुण वर्मा को मारने के बाद सोहेलवा जंगल से सटे अन्य गांवों में भी हमला कर कुल छह बच्चों की जान ले ली थी।
सोहेलवा क्षेत्र के गांवों में बच्चों पर लगातार हो रहे तेंदुए के हमले के बाद इलाके में दो तेंदुआ मौजूद होने के संकेत सबसे पहले अमर उजाला ने दिए थे। सात दिसंबर के माई सिटी के पेज एक पर एक नहीं दो तेंदुए कर रहे बच्चों पर हमला शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए दिल्ली व कोलकाता के विशेषज्ञों की टीम से संपर्क किया था। अब दूसरे तेंदुए के पकड़ जाने से इलाके में दो तेंदुए होने की बात सच साबित हुई।
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बेलवा गांव में चार दिन पहले आदमखोर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद लालनगर सिपहिया गांव में दूसरा तेंदुआ दिखने से लोग फिर से दहशत में आ गए थे। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने ग्रामीण शिवकुमार मिश्र व मन्नान के खेत में दो पिंजड़े लगाए थे। इनमें से शिवकुमार मिश्र के खेत में लगे पिंजड़े में सुबह सात बजे करीब तेंदुआ फंस गया। पकड़े जाने के बाद बेचैन तेंदुआ दहाड़े मार कर सलाखों से सिर टकराने के कारण चोटिल भी हो गया।
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डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ भी मादा है। उसकी उम्र करीब चार साल के आसपास है। पहले से ही जनकपुर रेंज दफ्तर में बेलवा में पकड़ा गया तेंदुआ भी रखा गया है। अब दोनों तेंदुए को लखनऊ अथवा गोरखपुर चिड़ियाघर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल वन विभाग की टीमें अभी भी निगरानी में सक्रिय रहेंगी।
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- लालनगर सिपहिया में ही सबसे पहले तेंदुए ने दो मासूमों को मौत के घाट उतारा था। बच्चों के शव मिलने के बाद जब वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया तो वह टीम को चकमा देता रहा। इसके बाद तेंदुए ने 11 नवंबर को अरुण वर्मा को मारने के बाद सोहेलवा जंगल से सटे अन्य गांवों में भी हमला कर कुल छह बच्चों की जान ले ली थी।
सोहेलवा क्षेत्र के गांवों में बच्चों पर लगातार हो रहे तेंदुए के हमले के बाद इलाके में दो तेंदुआ मौजूद होने के संकेत सबसे पहले अमर उजाला ने दिए थे। सात दिसंबर के माई सिटी के पेज एक पर एक नहीं दो तेंदुए कर रहे बच्चों पर हमला शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए दिल्ली व कोलकाता के विशेषज्ञों की टीम से संपर्क किया था। अब दूसरे तेंदुए के पकड़ जाने से इलाके में दो तेंदुए होने की बात सच साबित हुई।