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Balrampur News: कम कीमत दिखाकर कराया बैनामा, जांच शुरू
Mon, 27 Jul 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 27 Jul 2026 10:56 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के उतरौला में बैनामा रिकार्ड का निरीक्षण करते डीएम ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। तहसील उतरौला में संपत्ति का कम मूल्यांकन दिखाकर बैनामा कराने के दो मामले जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की जांच में सामने आए हैं। अनियमितता मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टांप शुल्क से हुई संभावित राजस्व क्षति का आकलन कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने को कहा है।
सोमवार को जिलाधिकारी ने उपनिबंधक कार्यालय उतरौला में पंजीकृत उच्च मूल्य के विलेखों का निरीक्षण किया। इस दौरान विलेख संख्या 4035/2026, 4170/2026 और 4602/2026 की जांच की गई। परीक्षण में तीनों विलेख व्यावसायिक श्रेणी के पाए गए और उनमें व्यावसायिक दरों के अनुसार स्टांप शुल्क जमा किया गया था। हालांकि इनमें से दो विलेखों में मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण की तुलना में कम निर्माण दर्शाकर संपत्ति का मूल्यांकन किया गया, जिससे स्टांप शुल्क कम जमा होने की आशंका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्टांप शुल्क की चोरी, कम मूल्यांकन अथवा तथ्य छिपाकर बैनामा कराने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़े मूल्य के सभी विलेखों की नियमित जांच की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
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निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी उतरौला मनोज कुमार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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सोमवार को जिलाधिकारी ने उपनिबंधक कार्यालय उतरौला में पंजीकृत उच्च मूल्य के विलेखों का निरीक्षण किया। इस दौरान विलेख संख्या 4035/2026, 4170/2026 और 4602/2026 की जांच की गई। परीक्षण में तीनों विलेख व्यावसायिक श्रेणी के पाए गए और उनमें व्यावसायिक दरों के अनुसार स्टांप शुल्क जमा किया गया था। हालांकि इनमें से दो विलेखों में मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण की तुलना में कम निर्माण दर्शाकर संपत्ति का मूल्यांकन किया गया, जिससे स्टांप शुल्क कम जमा होने की आशंका है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि स्टांप शुल्क की चोरी, कम मूल्यांकन अथवा तथ्य छिपाकर बैनामा कराने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़े मूल्य के सभी विलेखों की नियमित जांच की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
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निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी उतरौला मनोज कुमार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।