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पीआरडी जवानों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी
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बलरामपुर। युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में शनिवार को पचपेड़वा ब्लॉक के इमलिया कोडर गांव में पीआरडी जवानों को 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सातवें दिन शनिवार को आपदा प्रबंधन व अग्निशमन विभाग की तरफ से सभी पीआरडी जवानों को प्रशिक्षित किया गया। मंडल के चारों जिले बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती व बहराइच के 200 पीआरडी जवानों को 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तीन चरण होते हैं। आपदा के पहले, आपदा के समय और आपदा आने के बाद बेहतर प्रबंधन करने की जरूरत होती है। घोषित आपदाओं के बारे में पीआरडी जवानों को जानकारी दी।
सभी आपदा में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर सरकार की तरफ से चार लाख रुपये की मदद दी जाती है। बाढ़, अग्निकांड, सूखा, भूकंप व आकाशीय विद्युत आदि आपदाओं से बचाव व उससे होने वाले नुकसान के प्रभाव को प्रबंधन कर कम किया जा सकता है।
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आपदा को रोका नहीं जा सकता है, बल्कि उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। बताया कि आपदा से पूर्व तैयारी व आपदा के नुकसान को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन जिला स्तर पर किया गया है। आपदा मानव व प्राकृतिक रूप से दो प्रकार की होती है।
कहा कि ऐसे स्थान पर हैं जहां छिपने के लिए कोई पक्की इमारत नहीं है और आकाशीय विद्युत गिरने की संभावना है तो जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं। अग्निशमन विभाग तुलसीपुर यूनिट की तरफ से पीआरडी जवानों को आग बुझाने के तरीके बताये गए। इस दौरान अग्नि शमन यंत्रों को चलाने के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में जिला युवा कल्याण अधिकारी बलरामपुर प्रदीप कुमार त्रिपाठी व श्रावस्ती अरविन्द स्वरूप कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तीन चरण होते हैं। आपदा के पहले, आपदा के समय और आपदा आने के बाद बेहतर प्रबंधन करने की जरूरत होती है। घोषित आपदाओं के बारे में पीआरडी जवानों को जानकारी दी।
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सभी आपदा में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर सरकार की तरफ से चार लाख रुपये की मदद दी जाती है। बाढ़, अग्निकांड, सूखा, भूकंप व आकाशीय विद्युत आदि आपदाओं से बचाव व उससे होने वाले नुकसान के प्रभाव को प्रबंधन कर कम किया जा सकता है।
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आपदा को रोका नहीं जा सकता है, बल्कि उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। बताया कि आपदा से पूर्व तैयारी व आपदा के नुकसान को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन जिला स्तर पर किया गया है। आपदा मानव व प्राकृतिक रूप से दो प्रकार की होती है।
कहा कि ऐसे स्थान पर हैं जहां छिपने के लिए कोई पक्की इमारत नहीं है और आकाशीय विद्युत गिरने की संभावना है तो जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं। अग्निशमन विभाग तुलसीपुर यूनिट की तरफ से पीआरडी जवानों को आग बुझाने के तरीके बताये गए। इस दौरान अग्नि शमन यंत्रों को चलाने के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में जिला युवा कल्याण अधिकारी बलरामपुर प्रदीप कुमार त्रिपाठी व श्रावस्ती अरविन्द स्वरूप कुशवाहा आदि मौजूद रहे।