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चेतावनी बिंदु से छह सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा राप्ती का जलस्तर
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बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को चेतावनी बिंदु से छह सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिले के दो तहसीलों में राप्ती नदी कटान करके दो दर्जन गांवों में तबाही मचा रहा है। कटान प्रभावित पीड़ितों ने शासन प्रशासन से नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बुधवार को बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बीते तीन दिनों से भारी बारिश होने से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ आने का पहाड़ों पर हुई बारिश भी है। राप्ती का जलस्तर 103.68 है जो चेेतावनी बिंदु 103.62 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर है।
तटवर्ती गांव बेलहा, लालाजोत, रामनगर, गौरा महादेव, सहदेईया, चरनगहिया, रसूलाबाद, दुल्हापुर, बल्लीपुर, डकही आदि राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित होंगे। इसी तरह से सदर व उतरौला तहसील के करीब दो दर्जन गांव भी राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित हो जाएंगे। कटान होने से उतरौला व सदर तहसील के कई गांव प्रभावित है।
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सदर व उतरौला तहसील में राप्ती नदी के तटीय इलाकों में बसे चौकाकला, लालपुर फगुईया, गोसाईपुरवा, पाठकपुरवा, गुलामपुरवा, रामपुर, बौड़िहार, कुडऊ व घोसियारपुर सहित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में कटान का मंजर है। एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा प्रभारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ आने पर निगरानी कराई जा रही है। जिले के दोनों तहसीलों में राप्ती नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों को तैनात किया गया है। एसडीएम को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बुधवार को बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बीते तीन दिनों से भारी बारिश होने से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ आने का पहाड़ों पर हुई बारिश भी है। राप्ती का जलस्तर 103.68 है जो चेेतावनी बिंदु 103.62 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर है।
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तटवर्ती गांव बेलहा, लालाजोत, रामनगर, गौरा महादेव, सहदेईया, चरनगहिया, रसूलाबाद, दुल्हापुर, बल्लीपुर, डकही आदि राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित होंगे। इसी तरह से सदर व उतरौला तहसील के करीब दो दर्जन गांव भी राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित हो जाएंगे। कटान होने से उतरौला व सदर तहसील के कई गांव प्रभावित है।
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सदर व उतरौला तहसील में राप्ती नदी के तटीय इलाकों में बसे चौकाकला, लालपुर फगुईया, गोसाईपुरवा, पाठकपुरवा, गुलामपुरवा, रामपुर, बौड़िहार, कुडऊ व घोसियारपुर सहित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में कटान का मंजर है। एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा प्रभारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ आने पर निगरानी कराई जा रही है। जिले के दोनों तहसीलों में राप्ती नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों को तैनात किया गया है। एसडीएम को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।