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Balrampur News: चमरूपुर बाजार में आज से शुरू होगी रामलीला
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बलरामपुर के चमरूपुर बाजार में रामलीला का मंचन करते कलाकार।-फाइल फोटो
महदेईया बाजार (बलरामपुर)। श्रीदत्तगंज ब्लॉक के चमरूपुर बाजार में तीन अक्तूबर से रामलीला मंचन का शुभारंभ होगा। इस रामलीला की शुरुआत करीब 80 साल पहले ब्रिटिश हुकूमत के दौरान की गई थी। रामलीला में स्थानीय कलाकार मंचन करते हैं।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार का कहना है कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से रामलीला शुरू होती है। विजयदशमी के दिन इसका समापन किया जाता है। इस रामलीला की शुरुआत दादा स्वर्गीय राम शंकर ने किया था। 90 वर्षीय राम प्रसाद गौतम ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत के समय से इस गांव में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। उस समय सिर्फ चमरूपुर गांव में ही रामलीला होती थी, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भारी संख्या में आते थे।
उस समय धर्म और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार का कोई और तरीका नहीं था। इसलिए दशहरा के दिन होने वाली रामलीला के जरिए यहां धर्म का प्रचार होता था। रामलीला मंचन के दौरान ब्रिटिश शासन के सिपाही मुआयना करने भी आते थे।
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स्थानीय कलाकार निभाते हैं किरदार
वैसे तो रामलीला के मंचन में बाहर के कलाकारों का ही जलवा रहता है, लेकिन चमरूपुर एक ऐसी अनूठी रामलीला है, जिसमें स्थानीय कलाकार अभिनय करते हैं। लीला का संचालन जगदंबा प्रसाद करते हैं, जबकि सोमेश भगवान राम, रोहित लक्ष्मण व राम लीला कमेटी के अध्यक्ष केके गुप्ता रावण का अभिनय करते हैं। इसके अलावा अन्य स्थानीय कलाकार रामलीला के अन्य किरदार का अभिनय करते हैं।
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रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार का कहना है कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से रामलीला शुरू होती है। विजयदशमी के दिन इसका समापन किया जाता है। इस रामलीला की शुरुआत दादा स्वर्गीय राम शंकर ने किया था। 90 वर्षीय राम प्रसाद गौतम ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत के समय से इस गांव में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। उस समय सिर्फ चमरूपुर गांव में ही रामलीला होती थी, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भारी संख्या में आते थे।
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उस समय धर्म और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार का कोई और तरीका नहीं था। इसलिए दशहरा के दिन होने वाली रामलीला के जरिए यहां धर्म का प्रचार होता था। रामलीला मंचन के दौरान ब्रिटिश शासन के सिपाही मुआयना करने भी आते थे।
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स्थानीय कलाकार निभाते हैं किरदार
वैसे तो रामलीला के मंचन में बाहर के कलाकारों का ही जलवा रहता है, लेकिन चमरूपुर एक ऐसी अनूठी रामलीला है, जिसमें स्थानीय कलाकार अभिनय करते हैं। लीला का संचालन जगदंबा प्रसाद करते हैं, जबकि सोमेश भगवान राम, रोहित लक्ष्मण व राम लीला कमेटी के अध्यक्ष केके गुप्ता रावण का अभिनय करते हैं। इसके अलावा अन्य स्थानीय कलाकार रामलीला के अन्य किरदार का अभिनय करते हैं।