{"_id":"5d9f79948ebc3e014860473a","slug":"punishment-balrampur-news-lko4861404185","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष की कैद
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बलरामपुर। एडीजे प्रथम ने नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष के कारावास व 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर न्यायाधीश ने दोषी को 15 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है।
थाना हरैया निवासी एक नाबालिग लड़की ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि 9 मार्च 2015 को राजू मौर्या व पहलवान मौर्या ने जबरदस्ती छेड़छाड़ करने का प्रयास किया तथा रुपया लेने का लालच दिया। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर थाना हरैया की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचक ने राजू मौर्या व पहलवान मौर्या को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एडीजे प्रथम, राम सुलीन सिंह ने राजू मौर्या को नाबालिग से छेड़छाड़ करने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास व 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पहलवान मौर्या के परीक्षण के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण पत्रावली से उनका नाम हटा दिया गया है।
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थाना हरैया निवासी एक नाबालिग लड़की ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि 9 मार्च 2015 को राजू मौर्या व पहलवान मौर्या ने जबरदस्ती छेड़छाड़ करने का प्रयास किया तथा रुपया लेने का लालच दिया। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर थाना हरैया की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
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विवेचक ने राजू मौर्या व पहलवान मौर्या को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एडीजे प्रथम, राम सुलीन सिंह ने राजू मौर्या को नाबालिग से छेड़छाड़ करने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास व 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पहलवान मौर्या के परीक्षण के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण पत्रावली से उनका नाम हटा दिया गया है।