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नाराज बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर जताया विरोध
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बलरामपुर। नाराज बैंक कर्मचारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया। कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के 140 बैंकों में दिन भर ताले लटके रहे। जगह-जगह नारेबाजी कर बैंक कर्मियों ने आक्रोश जताया। हड़ताल के चलते बैंकों में दो दिनों तक ताले लटके रहेंगे। अपना वेतन कटवाकर बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। बैंकों में लेनदेन ठप होने से ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सीताराम यादव, संयोजक वकील यादव, जिला मंत्री संजय कुमार शुक्ल, उपाध्यक्ष/मंत्री उदय प्रताप सिंह, चंदन, राजेश, संदीप, चंदन कुमार, राम किशुन, सतीश चंद्र यादव, रवि प्रताप, राम प्रताप, रणवीर सिंह, संजय मिश्र, तौहीद कमर, यशवंत व राजेश्वरी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि श्रम सुधारों के नाम पर संसद से पास कृषि कानून में किसानों के हितों की अनदेखी व अर्थव्यवस्था के तमाम मुद्दों को लेकर देशव्यापी श्रमिकों का आंदोलन चल रहा है।
जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों जैसे एसबीआई, इंडियन, कैनरा, यूनियन, बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध, यूनाइटेड, यूको, महाराष्ट्र, सेंट्रल व पीएनबी सहित सभी बैंकों के 140 शाखाओं के कर्मचारियों ने अपना वेतन कटवाकर हड़ताल की है। सभी बैंक शाखाओं में पहले दिन 80 करोड़ का लेनदेन ठप रहा है।
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बैंकों के निजीकरण के लिए किए जाने वाले बैंकिंग कानून में संशोधन व प्रतिकूल दिशा में ले जाने वाले बैंकिंग सुधार आदि मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। देश व आम जनता के हित में बैंक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है।
हड़ताल में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने समर्थन दिया है। वीर विनय चौराहे से भगवतीगंज चौराहे तक मार्च निकालकर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। धरने को मनीष, संजय सिंह, रणवीर सिंह, जय प्रकाश, कंचन कुमारी, दीपक बंसल, अजय यादव, आशीष शुक्ल, अनिल शर्मा व अरविंद कुमार आदि ने संबोधित कर बैंकों के निजीकरण को रोकने, सरकारी बैंकों को मजबूत करने, लोन डिफॉल्टर्स पर कड़ी कार्रवाई करने, एनपीए की वसूली, ब्याज दर में वृद्घि, आउटसोर्सिंग पर रोक, नई भर्ती, पुरानी पेंशन बहाली व कॉर्पोरेट घरानों को बैंकिंग लाइसेंस न दिए जाने की मांग उठाई।
कैश लेनदेन करने बैंक आए ग्राहकों ने बताया कि ताला लटकने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। दो दिनों तक बैंकों के बंद रहने से ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पडे़गा। बैंक ग्राहकों ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें जिससे उन्हें होने वाला नुकसान न उठाना पड़े।
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यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सीताराम यादव, संयोजक वकील यादव, जिला मंत्री संजय कुमार शुक्ल, उपाध्यक्ष/मंत्री उदय प्रताप सिंह, चंदन, राजेश, संदीप, चंदन कुमार, राम किशुन, सतीश चंद्र यादव, रवि प्रताप, राम प्रताप, रणवीर सिंह, संजय मिश्र, तौहीद कमर, यशवंत व राजेश्वरी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि श्रम सुधारों के नाम पर संसद से पास कृषि कानून में किसानों के हितों की अनदेखी व अर्थव्यवस्था के तमाम मुद्दों को लेकर देशव्यापी श्रमिकों का आंदोलन चल रहा है।
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जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों जैसे एसबीआई, इंडियन, कैनरा, यूनियन, बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध, यूनाइटेड, यूको, महाराष्ट्र, सेंट्रल व पीएनबी सहित सभी बैंकों के 140 शाखाओं के कर्मचारियों ने अपना वेतन कटवाकर हड़ताल की है। सभी बैंक शाखाओं में पहले दिन 80 करोड़ का लेनदेन ठप रहा है।
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बैंकों के निजीकरण के लिए किए जाने वाले बैंकिंग कानून में संशोधन व प्रतिकूल दिशा में ले जाने वाले बैंकिंग सुधार आदि मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। देश व आम जनता के हित में बैंक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है।
हड़ताल में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने समर्थन दिया है। वीर विनय चौराहे से भगवतीगंज चौराहे तक मार्च निकालकर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। धरने को मनीष, संजय सिंह, रणवीर सिंह, जय प्रकाश, कंचन कुमारी, दीपक बंसल, अजय यादव, आशीष शुक्ल, अनिल शर्मा व अरविंद कुमार आदि ने संबोधित कर बैंकों के निजीकरण को रोकने, सरकारी बैंकों को मजबूत करने, लोन डिफॉल्टर्स पर कड़ी कार्रवाई करने, एनपीए की वसूली, ब्याज दर में वृद्घि, आउटसोर्सिंग पर रोक, नई भर्ती, पुरानी पेंशन बहाली व कॉर्पोरेट घरानों को बैंकिंग लाइसेंस न दिए जाने की मांग उठाई।
कैश लेनदेन करने बैंक आए ग्राहकों ने बताया कि ताला लटकने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। दो दिनों तक बैंकों के बंद रहने से ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पडे़गा। बैंक ग्राहकों ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें जिससे उन्हें होने वाला नुकसान न उठाना पड़े।