{"_id":"62585fd2c415c9436d0895a6","slug":"problem-crop-cane-balrampur-news-lko626148915","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने का बकाया न मिलने से किसानों में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने का बकाया न मिलने से किसानों में आक्रोश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैड़ास बुजुर्ग (बलरामपुर)। गन्ने का बकाया भुगतान न होने से किसानों में आक्रोश है। बेटियों के हाथ पीले कराने के साथ ही किसानों को परिवार का खर्च चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने की बोआई भी प्रभावित हो रही है। नाराज किसानों ने डीएम को पत्र भेजकर बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला प्रबंधन से बकाया गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है।
किसान राजेश सिंह, सुखराम, कल्लू यादव, सालिक राम, रामचरन, अब्दुल अहमद, अकरम, अभिमन्यु सिंह, धनीराम आदि ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला को गन्ना बेचा था लेकिन मिल प्रबंधन द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में तीन दिसंबर से पेराई सत्र शुरू हुआ था। मिल प्रबंधन ने 16 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान किया है। सहालग का मौसम भी शुरू हो गया है। बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए किसानों के पास पैसे नहीं हैं। गन्ना किसानों के लिए नकदी फसल तो है, लेकिन भुगतान न होने से गन्ने की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और न ही खाद डाल पा रहे हैं। मिल प्रबंधन की मनमानी के चलते किसान पाई-पाई को मोहताज हैं।
जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने बताया कि मिल प्रबंधन को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मिल प्रबंधन की तरफ से बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान करने का आश्वासन दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान राजेश सिंह, सुखराम, कल्लू यादव, सालिक राम, रामचरन, अब्दुल अहमद, अकरम, अभिमन्यु सिंह, धनीराम आदि ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला को गन्ना बेचा था लेकिन मिल प्रबंधन द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में तीन दिसंबर से पेराई सत्र शुरू हुआ था। मिल प्रबंधन ने 16 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान किया है। सहालग का मौसम भी शुरू हो गया है। बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए किसानों के पास पैसे नहीं हैं। गन्ना किसानों के लिए नकदी फसल तो है, लेकिन भुगतान न होने से गन्ने की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और न ही खाद डाल पा रहे हैं। मिल प्रबंधन की मनमानी के चलते किसान पाई-पाई को मोहताज हैं।
विज्ञापन
जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने बताया कि मिल प्रबंधन को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मिल प्रबंधन की तरफ से बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान करने का आश्वासन दिया गया है।
विज्ञापन