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Balrampur News: दो पीएचसी पर प्रसूताओं को नहीं मिल रहा भोजन
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। क्षेत्र की दो पीएचसी पर प्रसूताओं को छह माह से भोजन नहीं मिल रहा है। दोनों अस्पतालों में जननी सुरक्षा योजना की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्रवासियों ने योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
संस्थागत सुरक्षित प्रसव व जननी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है, लेकिन जिले के अफसर बेफिक्र हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद कम से कम दो दिन भर्ती रखने का प्राविधान है। साथ ही उन्हें दोनों वक्त का खाना मुहैया कराना होता है, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज तराई व गुलरिहा हिसामपुर में ऐसा नहीं हो रहा है। अधिकारी प्रसूताओं को भोजन देने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज तराई में मार्च 2024 से लेकर अगस्त 2024 तक करीब 200 व गुलरिहा हिसामपुर में 87 संस्थागत प्रसव हुए हैं। दोनों अस्पतालों में छह महीने से प्रसव के बाद न तो प्रसूताओं को खाना दिया गया है और न ही फल और दूध। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
घर सं मंगवाना पड़ा खाना
तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम साहेबनगर की मोमिना, लालपुर लैबुड्ढी की चंदा, नन्हुवापुर की पूजा, दांदव की सुशीला, लोहेपानिया की पुष्पा, कनहरा की सुनीता देवी व पूरेछीटन की नीलम आदि प्रसूताओं ने बताया कि उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खाना और नाश्ता नहीं मिला। अस्पताल से भोजन व नाश्ता न मिलने पर घर से खाना मंगवाना पड़ा।
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जल्द की जाएगी व्यवस्था
जल्द ही दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी। - विकल्प मिश्रा, सीएससी अधीक्षक तुलसीपुर
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संस्थागत सुरक्षित प्रसव व जननी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है, लेकिन जिले के अफसर बेफिक्र हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद कम से कम दो दिन भर्ती रखने का प्राविधान है। साथ ही उन्हें दोनों वक्त का खाना मुहैया कराना होता है, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज तराई व गुलरिहा हिसामपुर में ऐसा नहीं हो रहा है। अधिकारी प्रसूताओं को भोजन देने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज तराई में मार्च 2024 से लेकर अगस्त 2024 तक करीब 200 व गुलरिहा हिसामपुर में 87 संस्थागत प्रसव हुए हैं। दोनों अस्पतालों में छह महीने से प्रसव के बाद न तो प्रसूताओं को खाना दिया गया है और न ही फल और दूध। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
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घर सं मंगवाना पड़ा खाना
तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम साहेबनगर की मोमिना, लालपुर लैबुड्ढी की चंदा, नन्हुवापुर की पूजा, दांदव की सुशीला, लोहेपानिया की पुष्पा, कनहरा की सुनीता देवी व पूरेछीटन की नीलम आदि प्रसूताओं ने बताया कि उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खाना और नाश्ता नहीं मिला। अस्पताल से भोजन व नाश्ता न मिलने पर घर से खाना मंगवाना पड़ा।
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जल्द की जाएगी व्यवस्था
जल्द ही दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी। - विकल्प मिश्रा, सीएससी अधीक्षक तुलसीपुर