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कृषि कानून वापस लेने के लिए प्रसपा ने सौंपा ज्ञापन
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बलरामपुर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की तरफ से सोमवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कृषि व किसान विरोधी काले कानून को वापस लेने और किसानों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए उनसे वार्ता कर शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की गई है।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के जिलाध्यक्ष अयाज मुस्तफा खान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि कृषि विरोधी बिल के खिलाफ दिल्ली आने वाले किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। लाठी, आंसू गैस के गोले व पानी की बैछारें अन्नदाताओं पर छोड़ी जा रही हैं।
देश में अभी तक अन्नदाताओं पर ऐसा आमनवीय व्यवहार नहीं हुआ। ऐसे लोगों को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं। लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सभी को है यही लोकतंत्र की ताकत है। बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है।
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जन आक्रोश के दमन व लाठी चार्ज के लिए लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में किसानी जाने को लेकर अन्नदाताओं में नाराजगी है। ज्ञापन सौंपते समय यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव अब्दुल खालिक, दिलीप सिंह, संदीप पांडेय, अनिरुद्ध प्रसाद वर्मा, मोहनलाल यादव, शिव प्रसाद यादव व मैनुद्दीन सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के जिलाध्यक्ष अयाज मुस्तफा खान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि कृषि विरोधी बिल के खिलाफ दिल्ली आने वाले किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। लाठी, आंसू गैस के गोले व पानी की बैछारें अन्नदाताओं पर छोड़ी जा रही हैं।
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देश में अभी तक अन्नदाताओं पर ऐसा आमनवीय व्यवहार नहीं हुआ। ऐसे लोगों को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं। लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सभी को है यही लोकतंत्र की ताकत है। बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है।
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जन आक्रोश के दमन व लाठी चार्ज के लिए लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में किसानी जाने को लेकर अन्नदाताओं में नाराजगी है। ज्ञापन सौंपते समय यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव अब्दुल खालिक, दिलीप सिंह, संदीप पांडेय, अनिरुद्ध प्रसाद वर्मा, मोहनलाल यादव, शिव प्रसाद यादव व मैनुद्दीन सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।