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Balrampur News: 500 गांवों में बिजली संकट, 4.5 लाख उपभोक्ता प्रभावित
Tue, 05 May 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 05 May 2026 11:26 PM IST
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फोटो-17-बलरामपुर के लालपुर रन्नूडीह में टूटा पड़ा पोल ।-संवाद
बलरामपुर। जिले में सोमवार को आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। 425 से अधिक बिजली के खंभे गिरने और 16 ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट कायम है। करीब 500 गांवों में बिजली गुल रही, जिससे आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पचपेड़वा क्षेत्र के ही 100 गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों के अनुसार इसमें दो दिन का समय लग सकता है। मंगलवार को मौसम सामान्य रहने से विभाग ने मरम्मत कार्य तेज किया लेकिन फाॅल्ट अधिक होने से समय लग रहा है।
बिजली संकट के चलते लोगों को पीने के पानी, मोबाइल चार्जिंग और गर्मी से राहत पाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। इन्वर्टर भी जवाब दे गए और कई इलाकों में पूरी रात लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे।
तुलसीपुर क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण सोमवार सुबह 6 बजे से ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जो मंगलवार दोपहर 3 बजे के बाद बहाल हो सकी। उपभोक्ता सुखदेव चौरसिया, इरफान खान और अर्जुन ने बताया कि बिजली न रहने से दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने और मुख्य लाइन के खंभे उखड़ने से आपूर्ति बाधित रही। पिपरहवा चौराहा और आसपास के गांवों कल्याणपुर, अर्जुनपुर, लालनगर, भंगहा कला, नंदमहरा और रेहरा समेत करीब 15 गांवों में 24 घंटे तक बिजली नहीं आई। भंगहा कला निवासी राजेश यादव ने बताया कि हर आंधी में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। हरैया सतघरवा उपकेंद्र से जुड़े करीब 300 गांवों में मंगलवार को भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रेहरा बाजार ब्लॉक की 81 ग्राम पंचायतों में 24 घंटे से अधिक बिजली बाधित रही। वहीं तुलसीपुर उपकेंद्र के जहांदरिया फीडर से जुड़े मनकी, बेनीनगर, त्रिलोकपुर, सुस्ता व धोबहा सहित करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत के बावजूद केवल फॉल्ट का हवाला दिया जाता है। जरवा क्षेत्र के कोइलाबास फीडर से जुड़े करीब 30 गांवों में बिजली नहीं, जिससे लगभग एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि जंगल क्षेत्र से गुजरने वाली लंबी लाइन में अक्सर फॉल्ट होता रहता है।
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मरम्मत में जुटे कर्मचारी, सुधार रहे आपूर्ति
बिजली विभाग के अनुसार, आंधी के कारण 400 से अधिक पोल गिरने और कई ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिली थी। बारिश थमने के बाद युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सोमवार शाम तक जिला मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी गई, जबकि अन्य जगहों पर काम जारी है। बिजली विभाग के नौ अधिकारियों को निगरानी में काम कराने के लिए लगाया गया है। मंगलवार को मौसम सही होने से तेजी से कार्य हो रहे हैं। समय अधिक लग रहा है, क्योंकि फॉल्ट काफी स्थानों पर है।
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बिजली संकट के चलते लोगों को पीने के पानी, मोबाइल चार्जिंग और गर्मी से राहत पाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। इन्वर्टर भी जवाब दे गए और कई इलाकों में पूरी रात लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे।
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तुलसीपुर क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण सोमवार सुबह 6 बजे से ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जो मंगलवार दोपहर 3 बजे के बाद बहाल हो सकी। उपभोक्ता सुखदेव चौरसिया, इरफान खान और अर्जुन ने बताया कि बिजली न रहने से दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने और मुख्य लाइन के खंभे उखड़ने से आपूर्ति बाधित रही। पिपरहवा चौराहा और आसपास के गांवों कल्याणपुर, अर्जुनपुर, लालनगर, भंगहा कला, नंदमहरा और रेहरा समेत करीब 15 गांवों में 24 घंटे तक बिजली नहीं आई। भंगहा कला निवासी राजेश यादव ने बताया कि हर आंधी में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। हरैया सतघरवा उपकेंद्र से जुड़े करीब 300 गांवों में मंगलवार को भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रेहरा बाजार ब्लॉक की 81 ग्राम पंचायतों में 24 घंटे से अधिक बिजली बाधित रही। वहीं तुलसीपुर उपकेंद्र के जहांदरिया फीडर से जुड़े मनकी, बेनीनगर, त्रिलोकपुर, सुस्ता व धोबहा सहित करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत के बावजूद केवल फॉल्ट का हवाला दिया जाता है। जरवा क्षेत्र के कोइलाबास फीडर से जुड़े करीब 30 गांवों में बिजली नहीं, जिससे लगभग एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि जंगल क्षेत्र से गुजरने वाली लंबी लाइन में अक्सर फॉल्ट होता रहता है।
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मरम्मत में जुटे कर्मचारी, सुधार रहे आपूर्ति
बिजली विभाग के अनुसार, आंधी के कारण 400 से अधिक पोल गिरने और कई ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिली थी। बारिश थमने के बाद युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सोमवार शाम तक जिला मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी गई, जबकि अन्य जगहों पर काम जारी है। बिजली विभाग के नौ अधिकारियों को निगरानी में काम कराने के लिए लगाया गया है। मंगलवार को मौसम सही होने से तेजी से कार्य हो रहे हैं। समय अधिक लग रहा है, क्योंकि फॉल्ट काफी स्थानों पर है।

फोटो-17-बलरामपुर के लालपुर रन्नूडीह में टूटा पड़ा पोल ।-संवाद