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Balrampur News: सीमावर्ती क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने अयोध्या में किया पिंडदान
Tue, 29 Sep 2026 10:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 29 Sep 2026 10:25 PM IST
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फोटो-35-अयोध्या में पिंडदान करते जरवा क्षेत्र के लोग ।-स्रोत : ग्रामीण
जरवा। पितृपक्ष के अवसर पर सीमा जरवा क्षेत्र के श्रद्धालुओं का जत्था पितरों के पिंडदान और तर्पण के लिए सोमवार देर रात बस से रवाना हुआ। श्रद्धालु करीब 20 दिनों तक विभिन्न प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कर श्राद्ध, तर्पण और पूजन-अर्चन करेंगे। मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर सरयू नदी में स्नान करने के बाद रामकुंड पर अपने पूर्वजों का पिंडदान किया।
जत्था के अगुआ शिव नरसिंह पंडा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत सोमवार रात 11 बजे हुई। उन्होंने बताया कि यात्रा के अगले चरण में श्रद्धालु काशी में स्नान, पिंडदान और दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद बिहार के गया में पिंडदान और पितरों का जल तर्पण किया जाएगा। यात्रा आगे गंगासागर, जगन्नाथ धाम, भुवनेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से श्राद्ध कर्म संपन्न होंगे। वापसी में श्रद्धालु विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर क्षेत्र व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। इसके बाद चित्रकूट और प्रयागराज संगम में स्नान कर यात्रा का समापन अयोध्या में होगा। यात्रा में पिपरा दुर्गानगर की नीलम तिवारी, साधना, अंशिका, धर्मराज, भोजपुर संतरी के माहेश्वरी तिवारी सपत्नीक, उमेश, धर्मराज मौर्य सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हैं।
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जत्था के अगुआ शिव नरसिंह पंडा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत सोमवार रात 11 बजे हुई। उन्होंने बताया कि यात्रा के अगले चरण में श्रद्धालु काशी में स्नान, पिंडदान और दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद बिहार के गया में पिंडदान और पितरों का जल तर्पण किया जाएगा। यात्रा आगे गंगासागर, जगन्नाथ धाम, भुवनेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से श्राद्ध कर्म संपन्न होंगे। वापसी में श्रद्धालु विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर क्षेत्र व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। इसके बाद चित्रकूट और प्रयागराज संगम में स्नान कर यात्रा का समापन अयोध्या में होगा। यात्रा में पिपरा दुर्गानगर की नीलम तिवारी, साधना, अंशिका, धर्मराज, भोजपुर संतरी के माहेश्वरी तिवारी सपत्नीक, उमेश, धर्मराज मौर्य सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हैं।
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