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संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
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बलरामपुर। कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा है। जिले में भी ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या को देखते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति भी शुरू कर दी जाएगी।
सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में दो तरह के प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पूर्व में ही संयुक्त चिकित्सालय में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने के लिए आठ लाख रुपये की लागत से कक्ष का निर्माण कराया गया है।
इस कक्ष में जनरेटर के माध्यम से हवा द्वारा ऑक्सीजन तैयार किया जाएगा। ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट शुरू करने के लिए एयर कंप्रेशर मशीन का इंतजार किया जा रहा है। एयर कंप्रेशर मशीन भेजने के लिए शासन स्तर पर पत्र भी लिखा गया है। एयर कंप्रेशर मशीन आते ही ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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इस प्लांट से तैयार होने वाली चार टन ऑक्सीजन को संयुक्त जिला चिकित्सालय के 100 बेड पर पाइप लाइन द्वारा पहुंचाया जाएगा। इस प्लांट से तैयार ऑक्सीजन को मेडिकल कॉलेज के संचालन में भी प्रयोग किया जाएगा।
सीएमओ ने यह भी बताया कि ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के अतिरिक्त संयुक्त जिला चिकित्सालय में लिक्विड बेस ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) ने लिक्विड बेस ऑक्सीजन प्लांट के लिए 2000 स्क्वायर फुट जमीन की मांग की थी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में जमीन का चयन करके आईओसी को भेजा गया है। इस जमीन में प्लांट लगाया जाएगा।
प्लांट में टैंकर से लाया गया लिक्विड डालकर ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। इससे प्रतिदिन 200 से लेकर 225 ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकेंगे। ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने में करीब 10 दिन लगने की संभावना है। प्लांट तैयार होते ही जनपदवासियों को ऑक्सीजन की कमी से निजात मिल जाएगी और कोरोना मरीजों को भी राहत मिलेगी।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. नानक सरन ने बताया कि ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगने से जिले में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। इमरजेंसी में 24 घंटे ऑक्सीजन उपलब्ध रहेगी।
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सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में दो तरह के प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पूर्व में ही संयुक्त चिकित्सालय में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने के लिए आठ लाख रुपये की लागत से कक्ष का निर्माण कराया गया है।
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इस कक्ष में जनरेटर के माध्यम से हवा द्वारा ऑक्सीजन तैयार किया जाएगा। ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट शुरू करने के लिए एयर कंप्रेशर मशीन का इंतजार किया जा रहा है। एयर कंप्रेशर मशीन भेजने के लिए शासन स्तर पर पत्र भी लिखा गया है। एयर कंप्रेशर मशीन आते ही ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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इस प्लांट से तैयार होने वाली चार टन ऑक्सीजन को संयुक्त जिला चिकित्सालय के 100 बेड पर पाइप लाइन द्वारा पहुंचाया जाएगा। इस प्लांट से तैयार ऑक्सीजन को मेडिकल कॉलेज के संचालन में भी प्रयोग किया जाएगा।
सीएमओ ने यह भी बताया कि ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के अतिरिक्त संयुक्त जिला चिकित्सालय में लिक्विड बेस ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) ने लिक्विड बेस ऑक्सीजन प्लांट के लिए 2000 स्क्वायर फुट जमीन की मांग की थी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में जमीन का चयन करके आईओसी को भेजा गया है। इस जमीन में प्लांट लगाया जाएगा।
प्लांट में टैंकर से लाया गया लिक्विड डालकर ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। इससे प्रतिदिन 200 से लेकर 225 ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकेंगे। ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने में करीब 10 दिन लगने की संभावना है। प्लांट तैयार होते ही जनपदवासियों को ऑक्सीजन की कमी से निजात मिल जाएगी और कोरोना मरीजों को भी राहत मिलेगी।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. नानक सरन ने बताया कि ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगने से जिले में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। इमरजेंसी में 24 घंटे ऑक्सीजन उपलब्ध रहेगी।