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केन्द्रीय बजट आज, ओवरब्रिज, रिंग रोड व पर्यटन विकास की आस
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फोटो-12-बलरामपुर के सोहेलवा जंगल के पास चित्तौड़गढ़ जलाशय का मनमोहक दृश्य-फाइल फोटो
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। केन्द्र सरकार का आम बजट शुक्रवार को संसद में पेश किया जाएगा। इस बजट से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। जाम व प्रदूषण से जूझ रहे जिला मुख्यालय को ओवरब्रिज व रिंग रोड की दरकार है। सोहेलवा सेंचुरी में पर्यटन विकास तथा टाइगर रिजर्व बनाने की आस भी लोगों ने लगा रखी है। तकनीकी तथा उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं व ट्रेनों की संख्या बढ़ाये जाने की मांग भी लोग कर रहे हैं।
नहीं पूरा हुआ ओवरब्रिज का सपना
गत वर्षों में जाम व प्रदूषण से हांफ रहे जिला मुख्यालय के झारखंडी रेल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की कवायद एनएचआई ने शुरू तो की लेकिन बाद में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। क्रॉसिंग बंद होने पर यहां लोगों को घंटो जाम का सामना करना पड़ता है। नगरवासी संजय शर्मा, प्रदीप गुप्ता, विकास श्रीवास्तव तथा मुन्ना सिंह आदि ने झारखंडी रेल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी दिलाने की मांग की है।
रिंग रोड बनाने से कम होगा वाहनों का दबाव
दशकों वर्ष पहले बसे बलरामपुर नगर में वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। भारी वाहनों के प्रवेश से न केवल शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। शहर के बाहर रिंग रोड की मांग कई वर्षों से चल रही हैं। लोगों को उम्मीद है कि जिले में रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय बजट में पास हो सकता है। रिंग रोड बनाने से भारी वाहन शहर के बाहर से ही गुजर जाएंगे। इससे नगरवासियों को प्रदूषण व दुर्घटना से मुक्ति मिल जाएगी।
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पर्यटन से बढ़ सकता है रोजगार
जिले की नेपाल सीमा पर 452 वर्ग किमी में फैले सोहेलवा सेंचुरी में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। प्राकृतिक जलाशयों तथा घने जंगल पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। इन सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव भी केन्द्र सरकार के पास लंबित है। इस सेंचुरी के किनारे से हर वर्ष लाखों बौद्घ पर्यटक लुम्बिनी नेपाल से श्रावस्ती की यात्रा करते हैं। ऐसे में सेेंचुरी का पर्यटन न केवल विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा बल्कि तमाम लोग रोजगार भी पा सकेंगे।
तकनीकी व उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी
देश के अति पिछड़े 115 जनपदों में शामिल बलरामपुर जिले में तकनीकी व रोजगार परक उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी है। पूर्व में यहां के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली पर इंजीनियरिंग व कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना की मांग कर चुके हैं। लोगों को उम्मीद है कि केन्द्र सरकार इस बार के आम बजट में यहां पर तकनीकी शिक्षण संस्थान का तोहफा दे सकती है।
तेज होगा बहराइच-खलीलाबाद रेल लाइन का निर्माण
गत वर्षों में केन्द्र सरकार ने रेल सेवा से अछूते रहे बहराइच-खलीलाबाद वाया बलरामपुर नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। रेल लाइन के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार के आम बजट में नई रेल लाइन के निर्माण में तेजी आएगी और शीघ्र ही इस रेल लाइन पर ट्रेनों का आवागमन शुरू होगा।
बाढ़ की तबाही रुके और मिले सिंचाई की सुविधा
जिले में हर साल पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की बाढ़ से भारी तबाही होती है। यही नहीं असिंचित क्षेत्रों में निर्माणाधीन राप्ती व सरयूनहर परियोजनाएं भी अधूरी हैं। किसानों को बाढ़ व सूखे की समस्याओं से हर साल भारी नुकसान होता है। केन्द्रीय बजट में बाढ़ आपदा प्रबंधन तथा अधूरी पड़ी नहर परियोजनाओं के लिए बजट मिलने की उम्मीद लोगों ने लगा रही है।
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नहीं पूरा हुआ ओवरब्रिज का सपना
गत वर्षों में जाम व प्रदूषण से हांफ रहे जिला मुख्यालय के झारखंडी रेल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की कवायद एनएचआई ने शुरू तो की लेकिन बाद में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। क्रॉसिंग बंद होने पर यहां लोगों को घंटो जाम का सामना करना पड़ता है। नगरवासी संजय शर्मा, प्रदीप गुप्ता, विकास श्रीवास्तव तथा मुन्ना सिंह आदि ने झारखंडी रेल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी दिलाने की मांग की है।
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रिंग रोड बनाने से कम होगा वाहनों का दबाव
दशकों वर्ष पहले बसे बलरामपुर नगर में वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। भारी वाहनों के प्रवेश से न केवल शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। शहर के बाहर रिंग रोड की मांग कई वर्षों से चल रही हैं। लोगों को उम्मीद है कि जिले में रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय बजट में पास हो सकता है। रिंग रोड बनाने से भारी वाहन शहर के बाहर से ही गुजर जाएंगे। इससे नगरवासियों को प्रदूषण व दुर्घटना से मुक्ति मिल जाएगी।
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पर्यटन से बढ़ सकता है रोजगार
जिले की नेपाल सीमा पर 452 वर्ग किमी में फैले सोहेलवा सेंचुरी में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। प्राकृतिक जलाशयों तथा घने जंगल पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। इन सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव भी केन्द्र सरकार के पास लंबित है। इस सेंचुरी के किनारे से हर वर्ष लाखों बौद्घ पर्यटक लुम्बिनी नेपाल से श्रावस्ती की यात्रा करते हैं। ऐसे में सेेंचुरी का पर्यटन न केवल विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा बल्कि तमाम लोग रोजगार भी पा सकेंगे।
तकनीकी व उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी
देश के अति पिछड़े 115 जनपदों में शामिल बलरामपुर जिले में तकनीकी व रोजगार परक उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी है। पूर्व में यहां के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली पर इंजीनियरिंग व कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना की मांग कर चुके हैं। लोगों को उम्मीद है कि केन्द्र सरकार इस बार के आम बजट में यहां पर तकनीकी शिक्षण संस्थान का तोहफा दे सकती है।
तेज होगा बहराइच-खलीलाबाद रेल लाइन का निर्माण
गत वर्षों में केन्द्र सरकार ने रेल सेवा से अछूते रहे बहराइच-खलीलाबाद वाया बलरामपुर नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। रेल लाइन के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार के आम बजट में नई रेल लाइन के निर्माण में तेजी आएगी और शीघ्र ही इस रेल लाइन पर ट्रेनों का आवागमन शुरू होगा।
बाढ़ की तबाही रुके और मिले सिंचाई की सुविधा
जिले में हर साल पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की बाढ़ से भारी तबाही होती है। यही नहीं असिंचित क्षेत्रों में निर्माणाधीन राप्ती व सरयूनहर परियोजनाएं भी अधूरी हैं। किसानों को बाढ़ व सूखे की समस्याओं से हर साल भारी नुकसान होता है। केन्द्रीय बजट में बाढ़ आपदा प्रबंधन तथा अधूरी पड़ी नहर परियोजनाओं के लिए बजट मिलने की उम्मीद लोगों ने लगा रही है।