{"_id":"63cd6fb5115ca60c7128158a","slug":"na-balrampur-news-c-13-1-62478-2023-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: लेखपाल को असलहा लेकर दौड़ाने का आरोप, दो वकीलों पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: लेखपाल को असलहा लेकर दौड़ाने का आरोप, दो वकीलों पर केस
Sun, 22 Jan 2023 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 22 Jan 2023 10:47 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। उतरौला में लेखपाल व वकीलों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब लेखपाल बृजेेश सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर दो अधिवक्ताओं पर असलहा लेकर दौड़ाने का आरोप लगाया है। लेखपाल की तहरीर पर शनिवार देर शाम अधिवक्ता अखिलेश सिंह व आरके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर आरोपी अधिवक्ताओं ने घटना को झूठा बताया है।
लेखपाल बृजेश सिंह ने उतरौला कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि शनिवार शाम वह तहसील के सामने एक दुकान पर अपने साथियों संग चाय पी रहे थे। तभी अधिवक्ता आरके सिंह ने आवाज देकर बुलाया। बृजेश का आरोप है कि हमले की आशंका होने पर वह तहसील के भीतर जाने लगे तो आरके सिंह ने असलहा निकालकर दौड़ा लिया। उनके साथ अधिवक्ता अखिलेश सिंह भी थे।
बृजेश का कहना है कि उन्होंने तहसील की तीसरे मंजिल पर छिपकर अपनी जान बचाई। पूरी घटना तहसील के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उतरौला इंस्पेक्टर संजय दुबे ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
दूसरी ओर अधिवक्ता आरके सिंह का कहना है कि शनिवार शाम तहसील के सामने चाय की दुकान पर कुछ लोग वकीलों के विवाद को लेकर आपस में अपशब्दों का प्रयोग कर रहे थे। परिचय पूछने पर वह गाली देने लगे। आरके सिंह का कहना है कि उन्होंने वीडियो बनाने के लिए अपना मोबाइल निकाला तो एक व्यक्ति मोबाइल छीनकर तहसील की तरफ भागा। पीछा करने पर वह मोबाइल फेंककर तहसील में घुस गया। असलहा लेकर दौड़ाने की बात झूठी है।
अधिवक्ता अखिलेश सिंह का कहना है कि न तो उनका किसी लेखपाल से सामना हुआ और न ही ऐसी कोई घटना ही हुई है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से चर्चा करके मामले में निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
लेखपाल बृजेश सिंह ने उतरौला कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि शनिवार शाम वह तहसील के सामने एक दुकान पर अपने साथियों संग चाय पी रहे थे। तभी अधिवक्ता आरके सिंह ने आवाज देकर बुलाया। बृजेश का आरोप है कि हमले की आशंका होने पर वह तहसील के भीतर जाने लगे तो आरके सिंह ने असलहा निकालकर दौड़ा लिया। उनके साथ अधिवक्ता अखिलेश सिंह भी थे।
विज्ञापन
बृजेश का कहना है कि उन्होंने तहसील की तीसरे मंजिल पर छिपकर अपनी जान बचाई। पूरी घटना तहसील के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उतरौला इंस्पेक्टर संजय दुबे ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
दूसरी ओर अधिवक्ता आरके सिंह का कहना है कि शनिवार शाम तहसील के सामने चाय की दुकान पर कुछ लोग वकीलों के विवाद को लेकर आपस में अपशब्दों का प्रयोग कर रहे थे। परिचय पूछने पर वह गाली देने लगे। आरके सिंह का कहना है कि उन्होंने वीडियो बनाने के लिए अपना मोबाइल निकाला तो एक व्यक्ति मोबाइल छीनकर तहसील की तरफ भागा। पीछा करने पर वह मोबाइल फेंककर तहसील में घुस गया। असलहा लेकर दौड़ाने की बात झूठी है।
अधिवक्ता अखिलेश सिंह का कहना है कि न तो उनका किसी लेखपाल से सामना हुआ और न ही ऐसी कोई घटना ही हुई है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से चर्चा करके मामले में निर्णय लिया जाएगा।