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Balrampur News: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास व एमएलके पीजी कॉलेज में हुआ एमओयू
Wed, 06 May 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 06 May 2026 11:14 PM IST
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फोटो-15-बलरामपुर के एमएलके पीजी कॉलेज में एमओयू की प्रति महाविद्यालय के प्राचार्य को सौंपते डॉ.
बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के बीच भारतीय ज्ञान प्रणालियों, संस्कृति, अनुसंधान और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बनी है। बुधवार को इस एमओयू की प्रति महाविद्यालय के प्राचार्य को सौंपी गई।
यह समझौता तीन मई को लखनऊ स्थित बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। एमओयू पर न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक संजय स्वामी और महाविद्यालय की ओर से एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय शिक्षा, संस्कृति और विरासत को सशक्त करना है। इसके तहत वैदिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, अंतःविषयक शोध को बढ़ावा देने, पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और शैक्षणिक आदान-प्रदान को सरल बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में सेमिनार, कार्यशालाएं, वेबिनार और संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही छात्र सहभागिता, प्रशिक्षण और संयुक्त प्रकाशन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर प्रो. रेखा विश्वकर्मा व डॉ. केपी मिश्र आदि मौजूद रहे।
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यह समझौता तीन मई को लखनऊ स्थित बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। एमओयू पर न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक संजय स्वामी और महाविद्यालय की ओर से एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय शिक्षा, संस्कृति और विरासत को सशक्त करना है। इसके तहत वैदिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, अंतःविषयक शोध को बढ़ावा देने, पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और शैक्षणिक आदान-प्रदान को सरल बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में सेमिनार, कार्यशालाएं, वेबिनार और संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही छात्र सहभागिता, प्रशिक्षण और संयुक्त प्रकाशन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर प्रो. रेखा विश्वकर्मा व डॉ. केपी मिश्र आदि मौजूद रहे।
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