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Balrampur News: हर माह एक हजार से अधिक बन रहे कुत्तों का शिकार

Thu, 15 Feb 2024 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Thu, 15 Feb 2024 12:19 AM IST
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More than a thousand dogs are becoming victims every month
बलरामपुर। शहरी ही नहीं वरन ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों का खौफ सभी की परेशानी बढ़ा रहा है। बीते कुछ माह से कुत्ता काटने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में प्रति माह एक हजार से अधिक लोग कुत्ता काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि जिले में प्रति माह अकेले एक हजार से अधिक लोगों को कुत्ता काटे के कारण एआरवी लगाई जाती है। जबकि बंदर, सियार, बिल्ली व नेवला काटने पर भी एक हजार लोग एआरवी की दो से पांच डोज लगवाने अस्पताल पहुंचते हैं। हालांकि इसके लिए जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एआरवी उपलब्ध होने का दावा भी किया जा रहा है।
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- कुत्ता, बंदर, सियार, बिल्ली व नेवला आदि के काटने पर उसका लार (मुंह से निकलने वाला पानी) व्यक्ति के खून में मिल जाता है। यदि काटने वाला जानवर रैबीज से संक्रमित होता है तो काटे गए व्यक्ति को रैबीज होने की संभावना बढ़ जाती है। रैबीज होने पर व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। उसे पानी से डर लगने लगता है। रोगी के मुंह से भी लार निकलता है। अधिक संक्रमण होने पर वह भौंकना भी शुरू कर देता है।
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- जिला मेमोरियल चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि कुत्ता या अन्य जानवरों के काटने पर घाव को 15 मिनट तक साफ पानी व साबुन से धोना चाहिए। घाव पर एंटी सेप्टिक दवा लगाएं। रोकथाम के लिए एआरवी की पहली डोज 24 घंटे के अंदर, दूसरी डोज तीन दिन बाद, तीसरी डोज सात दिन बाद, चौथी डोज 14 दिन बाद और पांचवी डोज 28 दिन बाद लगवाएं।

पीड़ितों के लिए वैक्सीन मुफ्त
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय व जिला मेमोरियल चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एआरवी उपलब्ध है। एंटी रैबीज वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए सभी स्थानों पर फ्रीजर की भी व्यवस्था है। अस्पताल आने वाले सभी पीड़ितों को मुफ्त एआरवी लगाई जाती है।
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