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चीनी मिल की 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क
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फोटो-5-बलरामपुर के बजाज चीनी मिल इटइमैदा में संपत्ति कुर्क करवाते एसडीएम डा. नागेन्द्र नाथ यादव व ?
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। प्रशासन ने बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला की 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है। किसानों का सवा अरब गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर प्रशासन की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। डीएम के निर्देश पर मिल प्रबंधन को 123 करोड़ की आरसी भी जारी हो चुकी है। प्रशासन की कार्रवाई होने से मिल प्रबंधन में हड़कंप है। प्रशासन ने मिल प्रबंधन को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
डीएम श्रुति के निर्देश पर गुरुवार को उतरौला एसडीएम डॉ. नागेन्द्र नाथ यादव राजस्व व पुलिस कर्मियों की टीम के सात बजाज चीनी मिल इटईमैदा पहुंचे । एसडीएम ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा पेराई सत्र 2020-21 में क्षेत्र के करीब 38 हजार किसानों का सवा अरब रुपये दबाए बैठी है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए किसानों ने शासन से लेकर प्रशासन तक कई बार शिकायत की। किसानों के शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन की तरफ से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए मिल प्रबंधन के खिलाफ 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है। कुर्क की गई संपत्ति में 94 हजार क्विंटल चीनी, तीन कंटेनर सीरा आर चीनी मिल के पास उपलब्ध भूमि को शामिल किया गया है। चीनी मिल की बाउंड्री के बाहर जमीन को चिन्ह्ति कर लाल झंडी लगा दी गई है।
डीएम के निर्देश पर मिल प्रबंधन को 123 करोड़ की आरसी भी जारी कर दी गई है। चीनी मिल के खिलाफ डुग्गी-मुनादी कराने के साथ ही कुर्क की गई संपत्ति के बारे में बैनर व पोस्टर भी लगवाए जा रहे हैं। मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रशासन की तरफ से की गई कार्रवाई को लेकर किसानों में खुशी है। किसानों का कहना है कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने जब से गन्ना खरीदना शुरू किया है तब से लेकर अभी तक कभी भी समय से भुगतान नहीं किया है। डीएम ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति से किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने का निर्देश एसडीएम के साथ-साथ जिला गन्ना अधिकारी को दिया गया है।
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डीएम श्रुति के निर्देश पर गुरुवार को उतरौला एसडीएम डॉ. नागेन्द्र नाथ यादव राजस्व व पुलिस कर्मियों की टीम के सात बजाज चीनी मिल इटईमैदा पहुंचे । एसडीएम ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा पेराई सत्र 2020-21 में क्षेत्र के करीब 38 हजार किसानों का सवा अरब रुपये दबाए बैठी है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए किसानों ने शासन से लेकर प्रशासन तक कई बार शिकायत की। किसानों के शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन की तरफ से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए मिल प्रबंधन के खिलाफ 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है। कुर्क की गई संपत्ति में 94 हजार क्विंटल चीनी, तीन कंटेनर सीरा आर चीनी मिल के पास उपलब्ध भूमि को शामिल किया गया है। चीनी मिल की बाउंड्री के बाहर जमीन को चिन्ह्ति कर लाल झंडी लगा दी गई है।
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डीएम के निर्देश पर मिल प्रबंधन को 123 करोड़ की आरसी भी जारी कर दी गई है। चीनी मिल के खिलाफ डुग्गी-मुनादी कराने के साथ ही कुर्क की गई संपत्ति के बारे में बैनर व पोस्टर भी लगवाए जा रहे हैं। मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रशासन की तरफ से की गई कार्रवाई को लेकर किसानों में खुशी है। किसानों का कहना है कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने जब से गन्ना खरीदना शुरू किया है तब से लेकर अभी तक कभी भी समय से भुगतान नहीं किया है। डीएम ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति से किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने का निर्देश एसडीएम के साथ-साथ जिला गन्ना अधिकारी को दिया गया है।
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