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Balrampur News: स्वास्थ्य घोटाला की जांच में गायब फाइलों से खुलेगा राज, दो कर्मी तलब
Wed, 29 Jul 2026 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:15 PM IST
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बलरामपुर। बहुचर्चित स्वास्थ्य घोटाले की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख उपलब्ध न मिलने के बाद विजिलेंस ने सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक और तत्कालीन मुख्य फार्मासिस्ट को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि खरीद, भुगतान और स्टॉक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज किस स्तर पर गायब हुए और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण फाइलें, स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर और भुगतान संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। विजिलेंस का मानना है कि इन दस्तावेजों के अभाव में खरीद प्रक्रिया, सामग्री की आपूर्ति और भुगतान की पूरी श्रृंखला का सत्यापन करना कठिन हो गया है। इसी वजह से अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
उधर, घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच भी तेज कर दी गई है। विजिलेंस उनके परिवार और रिश्तेदारों के बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों तथा अन्य वित्तीय लेनदेन का मिलान कर रही है। विभिन्न बैंकों और संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाकर संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए वित्तीय दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण भी कराया जा रहा है।
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विजिलेंस की कार्रवाई तेज होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है। जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पूछताछ और दस्तावेजों से मिलने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
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सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण फाइलें, स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर और भुगतान संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। विजिलेंस का मानना है कि इन दस्तावेजों के अभाव में खरीद प्रक्रिया, सामग्री की आपूर्ति और भुगतान की पूरी श्रृंखला का सत्यापन करना कठिन हो गया है। इसी वजह से अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
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उधर, घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच भी तेज कर दी गई है। विजिलेंस उनके परिवार और रिश्तेदारों के बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों तथा अन्य वित्तीय लेनदेन का मिलान कर रही है। विभिन्न बैंकों और संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाकर संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए वित्तीय दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण भी कराया जा रहा है।
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विजिलेंस की कार्रवाई तेज होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है। जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पूछताछ और दस्तावेजों से मिलने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।