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सूखे से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
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फोटो-1-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते डीएम डॉ. महेंद्र कुमार व अन्?
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। प्रशासनिक अमला सूखे की आशंका से निपटने की कवायद में जुटने लगा है। इसके चलते ही जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों से समय रहते इसकी तैयारी पूरी करते हुए इसका ब्योरा देने का निर्देश दिया है। डीएम डॉ. महेंद्र कुमार शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सूखा प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग समय से अपनी तैयारियों को पूरा कर लें, ताकि सूखे की स्थिति में प्रभावितों को राहत मुहैया कराई जा सके। राजस्व विभाग की ओर से सूखा प्रबंधन को लेकर की गई तैयारियों के बारे में ब्योरा प्रस्तुत किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व राम अभिलाष ने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से विभागीय अधिकारियों के सहयोग से सूखाग्रस्त होने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। बाढ़ व सूखा से संबंधित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में पहले से ही संचालित हो रहा है। इसमें तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। साथ ही शासन के निर्देशानुसार फसल आच्छादन की स्थिति का राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर सर्वे भी कराया गया है।
बताया कि उतरौला व तुलसीपुर तहसील परिसर में रेनगेज स्थापित कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3349 वर्ग किलोमीटर में है। वर्ष 2021-22 में 2,12,646 हेक्टेयर में फसलों की बोआई की गई थी। खरीफ 2022-23 में खाद्यान्न, दलहनी व तिलहनी फसलों का क्षेत्रफल 1,37,359 हेक्टेयर प्रस्तावित है।
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जिले में 99,010 हेक्टेयर सिंचित और 1,13652 हेक्टेयर असिंचित जमीन है। इस दौरान डीएम ने सरयू नहर खंड-3 के एक्सईएन व नोडल अधिकारी को निर्देश दिया कि नहरों से होने वाली सिंचाई का क्षेत्रवार नक्शा विवरण और सिंचाई के रोस्टर के साथ नहरों के सभी 109 टेल तक पानी पहुंचने की सूचना का सत्यापन कराकर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। बैठक में खाद्य एवं रसद, पशुपालन, पंचायतीराज, जलनिगम व नगर निकायों सहित सभी विभागों के तैयारियों की गहन समीक्षा भी की गई।
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उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग समय से अपनी तैयारियों को पूरा कर लें, ताकि सूखे की स्थिति में प्रभावितों को राहत मुहैया कराई जा सके। राजस्व विभाग की ओर से सूखा प्रबंधन को लेकर की गई तैयारियों के बारे में ब्योरा प्रस्तुत किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व राम अभिलाष ने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से विभागीय अधिकारियों के सहयोग से सूखाग्रस्त होने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। बाढ़ व सूखा से संबंधित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में पहले से ही संचालित हो रहा है। इसमें तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। साथ ही शासन के निर्देशानुसार फसल आच्छादन की स्थिति का राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर सर्वे भी कराया गया है।
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बताया कि उतरौला व तुलसीपुर तहसील परिसर में रेनगेज स्थापित कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3349 वर्ग किलोमीटर में है। वर्ष 2021-22 में 2,12,646 हेक्टेयर में फसलों की बोआई की गई थी। खरीफ 2022-23 में खाद्यान्न, दलहनी व तिलहनी फसलों का क्षेत्रफल 1,37,359 हेक्टेयर प्रस्तावित है।
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जिले में 99,010 हेक्टेयर सिंचित और 1,13652 हेक्टेयर असिंचित जमीन है। इस दौरान डीएम ने सरयू नहर खंड-3 के एक्सईएन व नोडल अधिकारी को निर्देश दिया कि नहरों से होने वाली सिंचाई का क्षेत्रवार नक्शा विवरण और सिंचाई के रोस्टर के साथ नहरों के सभी 109 टेल तक पानी पहुंचने की सूचना का सत्यापन कराकर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। बैठक में खाद्य एवं रसद, पशुपालन, पंचायतीराज, जलनिगम व नगर निकायों सहित सभी विभागों के तैयारियों की गहन समीक्षा भी की गई।